समाज कल्याण विभाग निदेशालय में तैनात उपनिदेशक अमरजीत सिंह ने कहा कि मैं गोंडा में पहले जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रहा। शमीम से हमारा कोई मतलब ही नहीं है। न ही कोई हमारा रोल है। जांच टीम ने जब भी मुझसे जानकारी मांगी, उसे दिया गया। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
अभी डॉक्टर के पास जा रहे हैं, बाद में बात करेंगे
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेश चंद्र से जब इस बारे में जानकारी चाही गई तो वह बोले अभी हम डॉक्टर को दिखाने जा रहे हैं। इस बारे में ऑफिस आइए...फिर बात करेंगे। मदरसा शिक्षकों को कितना मानदेय दिया जा रहा था। इस सवाल पर उन्होंने बोलने से इन्कार कर दिया।