तालाब में डूबने से बुआ-भतीजे की मौत।
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गोंडा जिले के कटरा बाजार के सेल्हरी गांव में मंगलवार की दोपहर में तालाब में डूबने से बुआ-भतीजे की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। थाना कटरा बाजार के ग्राम सेल्हरी के मजरा सूबेदार पुरवा निवासी भगौती प्रसाद की पुत्री राधा (15) तथा पुत्र राधिका प्रसाद के साथ पौत्र रवि खेत में धान काटने गए थे। रवि ने पास के भैंसहा तालाब में एक कमल का फल (कमलगट्टा) देखा तो वह तोड़ने के लिए तालाब के किनारे पहुंच गया। पैर फिसल जाने से वह तालाब में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसकी बुआ राधा दौड़ी तो वह भी गहरे पानी में चली गई।
दोनों को बचाने के लिए राधिका प्रसाद भी तालाब में उतर पड़े मगर, तालाब की गहराई अधिक होने के कारण वह भी डूबने लगे। किसी तरह अपनी जान बचा कर निकल आए। उनके शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग आ गए। तालाब में डूब रहे बुआ-भजीजे को बाहर निकाला गया। आनन फानन में परिजनों ने दोनों को करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां उनकी मौत हो गई।
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जहां बिना इलाज के दोनों बच्चे करीब दो घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़े रहे। बाद में जिला अस्पताल से ईसीजी करने के लिए अमित कुमार आए उन्होंने ईसीजी के चिकित्सक डॉ.रिमझिम को मृत्यु की पुष्टि किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के लिए कोई नहीं था। एक डॉक्टर आए जो देखने के बाद कमरे में चले गए। बैठकर मोबाइल चला रहे थे। साथ में आए राधिका प्रसाद, राधा की बहन कुमुदिनी मिश्रा, अमृतलाल मिश्रा का आरोप है कि दोनों बच्चों की सांसे चल रही थीं।
दोनों आंख खोल रहे थे, कोई चिकित्सक दोनों को देखने नहीं आया न ही इलाज किया। इलाज के अभाव में दोनों की मौत हो गई। दो घंटे बाद सूचना पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने मौके पर परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ दोनों शवों को कब्जे में लिया। कोतवाल तेज प्रताप सिंह ने बताया कि शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। उधर चिकित्सक डॉ.रिमझिम का कहना है कि बिना ईसीजी के मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती है। इसलिए मृत नहीं घोषित किया गया था।