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Lucknow News: बारिश के बाद भी गोमतीनगर में हवा की सेहत बिगड़ी

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विनीत चतुर्वेदी

लखनऊ। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बावजूद गोमतीनगर की हवा की सेहत खराब हुई है। चौंकाने वाली बात है कि तालकटोरा जैसे औद्योगिक इलाके और घनी बसावट वाले लालबाग की हवा की गुणवत्ता गोमतीनगर से बेहतर है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा बादलों की वजह से हो रहा है। इससे धूल और धुआं एक ही जगह फंसकर रह गए। बारिश या तेज हवा से गुणवत्ता में सुधार आएगा।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के पैमाने पर गोमतीनगर की हवा की सेहत का आकलन करें तो बृहस्पतिवार को यह 39 दर्ज हुआ था। यानी हवा की सेहत बहुत अच्छी थी। पर, सोमवार तक महज चार दिनों में एक्यूआई उछलकर 189 के स्तर तक पहुंच गया। हवा की गुणवत्ता लाल श्रेणी में पहुंच गई। ऐसी हवा सेहत के लिए नुकसानदायक होती है।
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किस दिन, कितना रहा एक्यूआई
गोमतीनगर ( हरा भरा, रिहायशी इलाका )

12 सितंबर- 39

13 सितंबर- 44



14 सितंबर- 61

15 सितंबर- 111

16 सितंबर- 189


तालकटोरा ( घनी बसावट, औद्योगिक इलाका )

12 सितंबर- 58

13 सितंबर- 51

14 सितंबर- 56
15 सितंबर- 74

16 सितंबर- 84

अप्रत्याशित बदलाव पर विशेषज्ञों की राय



अमर उजाला ने गोमतीनगर की हवा में आए अप्रत्याशित बदलाव पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मौसम विभाग से बात की। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव अल्पकालिक है।

बादलों की वजह से एक क्षेत्र में फंसकर रह जाते हैं धूल के कण



वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि कई बार किसी क्षेत्र विशेष में हवा नहीं बहने (स्थिर वातावरण) और बादलों की वजह से धूल-धुआं आदि एक दायरे में ट्रैप हो जाते हैं। इससे एक्यूआई बढ़ जाता है। बारिश या तेज हवा चलने पर ये ट्रैप टूटता है और तेजी से बदलाव आ जाता है। मंगलवार को बारिश जारी रहने और तेज हवा चलने के संकेत हैं। इससे हवा की सेहत तेजी से सुधरेगी।
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गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के काम से भी बढ़ी धूल

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर डॉ. यूसी शुक्ला कहते हैं, गोमतीनगर में बढ़े एक्यूआई की दो तात्कालिक वजहें हो सकती हैं। पहला-गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य से हवा में धूल का घुलना। दूसरा- कुछ लोग मच्छर आदि से बचने या अन्य वजहों से सूखे पत्ते आदि जला देते हैं। बादलों की वजह से धूल व धुआं निश्चित दायरे में ट्रैप हो जाने से हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। एक-दो दिन में इसके सामान्य हो जाने की उम्मीद है।
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