फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ में गोमती नदी के किनारे बनेगा तांगा ट्रैक

Wed, 08 Apr 2015 03:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
विदेशों की तर्ज पर गोमती रिवर फ्रंट का विकास होगा। इसमें दोनों किनारों पर हरियाली, पार्क, साइकिल व तांगा ट्रैक, घाट व क्रीड़ा स्थल विकसित किए जाएंगे।
विज्ञापन


बोटिंग कराने की भी योजना है। मंगलवार को 656 करोड़ की इस योजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि दो साल में यह काम पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, गोमती की सफाई को लेकर अब तक कई बार प्रयास हो चुके हैं। कुछ लोगों ने झाड़ू तो कभी फावड़ा उठाया। नदी में उतर कर कूड़ा भी हटाया गया। नदी शहर में घुसने से पहले शुरू में काफी साफ-सुथरी है।
विज्ञापन


इसके बाद यह नाला बन जाती है। अधिकारियों को हिदायत दी कि अब एक भी नाला गोमती में नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोमती के  किनारों को इस तरह विकसित किया जाएगा जिससे लखनऊवासी यहां घूम सकें।

यहां तांगा भी चलेगा और साइकिल ट्रैक भी होगा। जगह-जगह क्रीड़ा स्थल बनाए जाएंगे। घूमने के लिए वाकिंग ट्रैक भी तैयार किया जाएगा। तीन वर्षों में लखनऊ में बहुत काम हुए हैं। अब शीघ्र ही छह लेन कैनाल रोड भी बनने जा रही है।
Trending Videos

टोक्यो की तर्ज पर सवरेंगी गोमती

इससे पहले सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने कहा, मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह योजना बनाई गई है। गोमती के रिवर फ्रंट को विश्व के अच्छे शहरों की तरह विकसित किया जाएगा। इसके लिए जापान के टोक्यो व ओसाका शहर का भी भ्रमण हो चुका है।

गर्मियों में पानी की कमी होने पर अविरल जल उपलब्ध कराने के लिए शारदा नहर को गोमती से जोड़ दिया गया है। कार्यक्रम में अहमद हसन, राजेन्द्र चौधरी, अंबिका चौधरी, अरविंद सिंह गोप सहित कई मंत्री भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि रिवर फ्रंट के साथ ही इसमें पर्यटन के कई स्थल विकसित किए जाएंगे। पर्यटन विभाग से इसके लिए बात चल रही है। भविष्य में इसमें रिवर क्रूज चलाने की योजना है। क्रूज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही लोग इसमें खाने-पीने का भी लुत्फ उठा सकेंगे। परियोजना डेढ़ साल में पूरा कर लखनऊवासियों को समर्पित की जाएगी। वे खुद इसकी साप्ताहिक समीक्षा करेंगे।
विज्ञापन

दो महीने में बना प्रोजेक्ट, 600 करोड़ भी मिले

प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने कहा, इस प्रोजेक्ट को दो महीने में न सिर्फ तैयार किया गया बल्कि कैबिनेट से भी पास करा लिया गया। मुख्यमंत्री के ऐसे आदेश थे कि वित्त विभाग ने भी तत्काल 600 करोड़ रुपये दे दिए।

इसमें बजट की कोई कमी नहीं। दो माह में ही मलेशिया की टीम आई और सारा प्रस्ताव बनकर यह आज धरातल पर उतर गया है। दोनों किनारों पर डायफ्राम वाल बनाकर नदी को व्यवस्थित किया जाएगा। गोमती के किनारे हरियाली होगी। परियोजना दिसंबर 2016 तक पूरी हो जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें