गोमती बैराज पर खतरा बरकरार है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का बचा-खुचा ढांचा भी शनिवार रात ढह गया। वहीं समतामूलक चौराहे की ओर भी तट की जमीन फट गई। इससे यह हिस्सा धसक सकता है। जानकारों का कहना है कि अंडरपास काम इस रिस्क को और बढ़ाएगा।
अगर जमीन धसकी तो पुल के दोनों छोर पर करीब 50-50 मीटर सड़क धंस सकती है। बहरहाल अंडरपास का काम रोक दिया गया है। रविवार को लगातार दूसरे दिन बैराज पर ट्रैफिक बंद रहा।
इस सबके बावजूद सिंचाई विभाग का दावा है कि पुल को कोई खतरा नहीं है और सोमवार को इसपर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। दूसरे छोर पर भी पुल से नदी तक बनी मजबूत दीवार को तोड़ दिया। गोमती तट पर अंडरपास बन रहा है।
इस अंडरपास में पुलिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। दरअसल अंडरपास के रेडिमेड ढांचे को ड्रिलिंग के बाद पुलिंग टेक्निक से एडजस्ट कर दिया जाता है।
अंडरपास के काम के दौरान ही बाढ़ नियंत्रण कक्ष शनिवार दोपहर ढहा था।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष वाली साइड की तरह ही दूसरे छोर पर भी पुल से नदी तक तक बनी मजबूत दीवार को अंडरपास की पुलिंग के लिए तोड़ दिया गया है। यहां पर भी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। यहां पर काम करने वाली नंदा एंड कंपनी का साइट ऑफिस है। जमीन फटने के बाद इस ऑफिस को शिफ्ट किया जा रहा है।