रायबरेली। गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। केंद्र से नया एप लांच होने के बाद करीब 15 दिनों में एक भी कार्ड नहीं बन सका है। अभी जिले में करीब 10.62 लाख गोल्डन कार्ड बनने बाकी हैं।
जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना संचालित है। योजना के तहत गरीब परिवारों के सदस्यों को बीमार होने पर पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की छूट है। जिले में 16.50 लाख गरीबों को योजना से जोड़ा गया है। अब तक 5.88 लाख गरीबों को ही गोल्डन कार्ड मिल सके हैं। ऐसे में 10.62 लाख गरीब अब भी गोल्डन कार्ड के लिए भटक रहे हैं।
बीती 29 अगस्त को केंद्र ने गोल्डन कार्ड बनाने के लिए नया ऐप लांच कर दिया। इस एप का नाम एबीपीएम-जय (आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) रखा गया है। नए एप के लांच होने के बाद गोल्डन कार्ड बनने ठप हो गए हैं। पुराना एप काम नहीं कर रहा और नए एप पर कार्ड का पंजीयन निरस्त हो रहा है। नए ऐप के माध्यम से अब लाभार्थी अपने मोबाइल से भी अपना गोल्डन कार्ड बना सकेंगे। उन्हें कार्ड बनवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
अब खुद बना सकेंगे गोल्डन कार्ड
गोल्डन कार्ड के लिए अब तक प्रयोग में लाए जा रहे पोर्टल पर लाभार्थी स्वयं कार्ड नहीं बना सकते थे। इसके लिए पंचायत घरों, सीएससी व अन्य एजेंसियों से गोल्डन कार्ड बनवाना पड़ रहा था। इसी कारण लक्ष्य के सापेक्ष काम नहीं हो पा रहा था। अब लाभार्थी घर बैठे अपना कार्ड बना सकेंगे। स्मार्ट फोन के प्ले स्टोर पर जाकर आयुष्मान एप डाउनलोड करके मोबाइल नंबर अंकित करेंगे। मोबाइन नंबर पर आने वाली ओटीपी डालने के बाद गोल्डन कार्ड खुद से अपने स्मार्ट फोन के माध्यम से घर बैठे बनाया जा सकेगा।
कल से काम कर सकता एप
कैशलेस इलाज के लिए गोल्डन कार्ड अब लाभार्थी स्वयं अपने मोबाइल से बना सकेंगे। इसके लिए नया एप लांच हुआ है। 17 सितंबर से एप काम करेगा। गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थियों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। आसानी से कार्ड बन जाएगा। - डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ