लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से डिपार्टमेंट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस टीम द्वारा पकड़े गए तस्कर बीते दो साल से सोने की तस्करी में लिप्त थे।
लेकिन बीते तीन महीने से वे हर पांचवें दिन दुबई से सोने की तस्करी करने लगे थे। यानी एक चक्कर में सीधे करीब चार लाख रुपए की कमाई का खेल चल रहा था।
इसके लिए तस्करों ने दुबई से दिल्ली तक तस्करी का नेटवर्क फैला रखा है। तस्करी का सोना दिल्ली सहित कई महानगरों में बिक रहा था। इसका खुलासा डिपार्टमेंट आफ रेवन्यू इंटेलीजेंस की छानबीन में हुआ है।
जांच टीम मंगलवार रात से तजिन्दर, परमिन्दर, वरिन्दर से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। छानबीन के दौरान तस्करों के पास से बरामद पासपोर्ट पर हर पांचवें दिन अरब देश जाने की मुहर लगी पाई गई।
आरोपी सिर्फ सोने की तस्करी के लिए हर बार अरब देश की यात्रा करते थे। कस्टम के एक अधिकारी ने बताया कि इंटरनेशनल एवं इंडियन मार्केट में सोने के भाव में करीब चार लाख रुपए प्रति किलो का डिफरेंस है।
इस सोने को दुबई से इंडिया लाने पर करीब 10 फीसदी आयात एवं उत्पाद शुल्क की अदायगी करनी पड़ती है। यह तस्कर आयात एवं उत्पाद शुल्क चुकाए बिना ही सोना ला रहे थे।
सूत्रों के अनुसार जल्दी-जल्दी दुबई आने-जाने पर तस्कर जांच एजेंसी के निशाने पर आए और जाल में फंस गए। हमेशा ये तस्कर दिल्ली एयरपोर्ट पर ही सोना लेकर उतरते थे लेकिन इस बार पकड़ने की शंका पर लखनऊ आए थे। यहां से इन लोगों को दूसरी फ्लाइट से दिल्ली जाना था।
चौक में सोने का मूल्यांकन
लखनऊ में डिपार्टमेंट आफ रेवन्यू इंटेलीजेंस टीम तस्करों से गोपनीय ठिकाने पर पूछताछ कर रही है। टीम तस्करों से बरामद सोने के मूल्य का मूल्यांकन कराने के लिए थोक सराफा मंडी चौक भी पहुंची।
यहां एक मशहूर फर्म से सोने के मूल्य की गणना कराई गई जिसमें पता चला कि तस्करों के पास से बरामद सोने की कीमत करीब 1.32 करोड़ रुपए है।
इस सोने में आठ-आठ ग्राम के 50 सिक्के, तीन किलो के बिस्किट एवं 116 ग्राम के चार चौकोर पीस शामिल थे। माना जा रहा कि टीम सोने की असेसमेंट रिपोर्ट कोर्ट में भी पेश करेगी।