फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंपनी सेक्रेटरी की परीक्षा में बेटियां आगे

विज्ञापन
विज्ञापन
कंपनी सेक्रेटरी की परीक्षा में बेटियां आगे
विज्ञापन

आठ बेटियां बनीं कंपनी सचिव, एग्जीक्यूटिव में आकांक्षा टॉपर
द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) के प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव परीक्षा का रिजल्ट रविवार को जारी कर दिया गया। प्रोफेशनल परीक्षा पास करके राजधानी में कुल 12 मेधावी कंपनी सचिव बने। इनमें से आठ बेटियां रहीं। वहीं दूसरी ओर एग्जीक्यूटिव परीक्षा में राजधनी के 110 परीक्षार्थी सफल हुए। इनमें से आकांक्षा टॉप पर रहीं।
सेल्फ स्टडी से मिली सफलता
मैं जेएनपीजी कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई कर रही हूं। मेरा मानना है कि सीएस में सेल्फ स्टडी सबसे ज्यादा मददगार है। मेरा मानना है कि रोजाना तीन से चार घंटे पढ़ाई करके सफलता हासिल की जा सकती है। मेरी सफलता में मेरे पिता अब्दुल अकीब सिद्दीकी और मां शमीना सिद्दीकी का सबसे ज्यादा योगदान है।
विज्ञापन

- हिरा सिद्दीकी
रोजाना दस घंटे की पढ़ाई
मेरे पापा प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते थे, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझे प्रेरित किया। मुझे खुशी है कि मैं उनका सपना पूरा कर पाई। मेरे पापा मंगल प्रसाद सरकारी सेवा में हैं और मां मुन्नी गुप्ता गृहिण हैं। सफलता पाने के लिए मैं रोजाना नौ से 10 घंटे पढ़ाई करती थी।
- अंशिका गुप्ता
कमजोरियों को जानें और दूर करें
सीएस प्रोफेशन में यह मेरा आठवां प्रयास था। मेरा मानना है कि हर बार मुझे अपनी कमजोरी दूर करने का मौका मिलता है। हमें असफलता से घबराने के बजाय उसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए। तभी हम सफल हो सकते हैं। अपनी सफलता का श्रेय मैं अपने पापा डीपी गुप्ता और मां शीला गुप्ता को देना चाहती हूं।
- दीप्ति गुप्ता
सेल्फ स्टडी से बढ़कर कुछ नहीं
सीएस के साथ ही मैं एलएलबी की पढ़ाई भी कर रही थी। फाइनल प्रोग्राम होने के बाद अब मैं एमबीए करके जॉब करना चाहूंगी। मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडी से बढ़कर कुछ भी नहीं है। इसलिए हमेशा इसके लिए तैयार रहें तभी आपको सफलता मिल सकती है।
- श्वेता सिंह चौहान
कभी हार न मानें
मेरा कहना है कि कभी हार नहीं माननी चाहिए। मैं खुद इसका उदाहरण हूं। मैंने सीए के साथ शुरुआत की थी। इंटरमीडिएट के बाद जब मुझे सफलता नहीं मिली तो फिर मैंने सीएस की तैयारी भी शुरू कर दी। अब मैं सीएस बन चुकी हूं, मगर कुछ दिनों के ब्रेक के बाद एक बार फिर से सीए की तैयारी करूंगी।
- चीना गावरी
फोन और सोशल मीडिया से रहें दूर
परीक्षा की तैयारी करने के लिए मैंने फोन और सोशल मीडिया दोनों को किनारे कर लिया था। इन दोनों की वजह से ही हमारा ध्यान भटकता है। पढ़ाई के लिए रोज समय जरूर निकालें, क्योंकि नियमित पढ़ाई बेहद जरूरी है।
- अदिति अग्रवाल
रेग्युलर स्टडी से मिली सफलता
सीएस की पढ़ाई में रेग्युलर स्टडी बेहद जरूरी है। इसके साथ ही स्मार्ट स्टडी पर भी फोकस करें क्योंकि तभी आप परीक्षा के समय रिवाइज कर पाएंगे। मैं इस समय एलएलबी भी कर रही हूं। अपनी सफलता में शिक्षकों और मम्मी पापा का योगदान मैं सबसे अहम मानती हूं।
- अमृता सिंह
समय प्रबंधन का रखें ध्यान
प्रोफेशनल प्रोग्राम के लिए यह मेरा दूसरा प्रयास था। सीएस की पढ़ाई में समय प्रबंधन बेहद अहम है। अपना रूटीन इस तरह से बनाएं कि रोज पढ़ाई के लिए समय निकालें। पढ़ाई के बाद अब मैं नौकरी करना चाहती हूं।
विज्ञापन

- आकांक्षा शुक्ला
मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं
एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए यह मेरा पहला प्रयास था। इसमें सफलता हासिल करने के बाद अब मेरा लक्ष्य प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में सफलता हासिल करके कंपनी सेक्रेटरी बनना है। इसके लिए मैं दिन रात मेहनत करूंगी, क्योंकि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
आकांक्षा यादव,
एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें