प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि समाज में सार्थक परिवर्तन दिखाई पड़ना चाहिए। सिर्फ बातों से काम नहीं चलने वाला। तभी यह संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी निष्ठा और लगन से काम करें। स्वयं सेवी संस्थाएं और सम्पन्न लोग गरीबों की मदद को आगे आएं। उन्होंने बेटियों को ललकारते हुए कहा बहादुर बनो। घर से बाहर आने जाने पर कोई पीछा करे तो हाथ में पत्थर उठा कर खड़े हो जाओ।
करीब सात घंटे तक जिले में राज्यपाल ने स्कूल, थाना, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। महादेवा ऑडीटोरियम में सरकारी योजनाओं की प्रगति सुनी और अधिकारियों को नसीहत दी।
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प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शुक्रवार को सबसे पहले मसौली क्षेत्र के नेवला करसंडा स्कूल पहुंचीं। जहां स्काउट गाइड की कलर पार्टी ने उन्हें गॉड ऑफ ऑनर दिया। यहां उन्होंने बच्चों से पढ़ाई और उनके खाने-पीने के बारे में जानकारी ली।
मिड डे मील में बन रही तहरी को देखा। यहां विद्यालय की शिक्षिकाओं को निर्देश दिया कि दीवारों पर पेंटिंग करवाकर बच्चों को चित्रों के माध्यम से पढ़ाएं। शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों को घर से खाना खाकर आने के सुझाव भी दिया।
अभिभावकों से कहा रात नौ बजे के बाद दोपहर बारह बजे तक जो बच्चा सिर्फ बिना दूध काली चाय पीकर स्कूल में रहेगा उसका मानसिक विकास कैसे होगा। उन्होंने कहा कि पंचायतों को पैसा भेजा गया है। सबकी समस्याओं का हल निकाला जाएगा।
इसके बाद मसौली थाने में राज्यपाल पहुंचीं तो कस्तूरबा गांधी और जीजीआईसी बाराबंकी के बच्चों ने उनका स्वागत किया। थाने का निरीक्षण करने के बाद राज्यपाल ने कहा कि कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को थाना, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों का भ्रमण करवाएं। इससे बच्चों में निरीक्षण शक्ति, स्मरण शक्ति और अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास होता है।
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक शरद कुमार अवस्थी, बैजनाथ रावत, एसपी आकाश तोमर, सीडीओ मेधा रूपम, एडीएम संदीप गुप्ता, एएसपी आरएस गौतम, एसडीएम अभय पांडेय, पंकज कुमार, सीपी पाठक के साथ कई अधिकारी मौजूद रहे।
नवजात का नाम रखा नरेंद्र
बड़ा गांव सीएचसी के प्रसव गृह में नवजात बच्चों की माताओं से मिलकर उन्हें फल वितरित किये। एक बच्चे का उन्होंने तत्काल नामकरण करते हुए नरेंद्र रखा। यहीं पर आंगनबाड़ी केंद्र पर गोदभराई की रस्म अदा करवाई।
हमें संख्यात्मक नहीं तथ्यात्मक रिपोर्ट दें
महादेवा ऑडीटोरियम में जिले में केंद्र और प्रदेश की योजनाओं की समीक्षा करने पहुुंचीं राज्यपाल को सबसे पहले डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने जिले की उपलब्धियों की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से विभागवार योजनाओं की प्रगति पूछी।
उन्होंने कहा कि हमें संख्यात्मक नहीं तथ्यात्मक रिपोर्ट चाहिए। हम सबको प्रधानमंत्री के नये भारत के सपने को हकीकत में बदलना है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रुचि लेकर पूरी निष्ठा के साथ अधिकारी काम करें तभी सामाजिक बदलाव दिखेगा।
यहां उन्होंने कई स्वयं सेवी संस्थाओं से मिलकर अपील की कि वह गरीब बच्चों को गोद लेकर उनका पालन पोषण करें। इससे हम नई पीढ़ी के योगदान में बड़ा योगदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक टीबी से देश को मुक्त करना है। भारत को प्लॉस्टिक मुक्त बनाना है। आज ग्रामीण स्तर पर लोग खुश हैं।