लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में भले ही पढ़ाई में बेटियां संख्या के मामले में आगे हैं, लेकिन एनसीसी में उनकी मौजूदगी बेहद कम है। एनसीसी-आर्मी विंग में 160 लड़कों के मुकाबले सिर्फ 55 लड़कियां हैं। नेवी और एयर विंग में भी बेटियों की भागीदारी कम है। यह असंतुलन हैरान करने के साथ अवसरों की बराबरी पर भी सवाल खड़े करता है। वह भी तब, जब विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में वीसी गोल्ड मेडल ज्यादातर बेस्ट एनसीसी कैडेट को ही मिलता है।
नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के प्रति हमेशा से युवाओं में रुझान रहा है। सेना, पैरामिलिट्री और सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए एनसीसी कैडेट्स को प्राथमिकता मिलना इसकी मुख्य वजह है। इसके बाद भी बेटियों की इसमें बराबरी की भागीदारी नजर नहीं आती। लविवि के एनसीसी कोऑर्डिनेटर लेफ्टिनेंट डॉ. रजनीश यादव के अनुसार सामाजिक-सांस्कृतिक धारणाएं, कठिन शारीरिक ट्रेनिंग, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, जागरूकता की कमी और सशस्त्र बलों में महिलाओं की सीमित संख्या इसके पीछे की मुख्य वजहें हैं।
अब बढ़ रही छात्राओं की संख्या
लविवि की एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर डाॅ. किरन लता डंगवाल ने बताया कि वर्ष 2022 में एनसीसी विंग में सिर्फ 15 छात्राएं थीं। इसके बाद कई कैंप लगाए गए, जिसमें छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। खेल स्पर्धाओं में भी हिस्सा लिया। अब 64 यूपी एनसीसी विंग में 160 सीटों में 62 छात्राएं हैं। यह संख्या साल दर साल बढ़ रही है।
विश्वविद्यालय दे रहा बेहतर सुविधाएं
लविवि प्रशासन ने महिला कैडेट्स के लिए अलग चेंजिंग रूम, सुरक्षित परेड ग्राउंड, महिला प्रशिक्षक और बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं के इंतजाम किए हैं। 64 यूपी एनसीसी बटालियन में लेफ्टिनेंट कर्नल अनिमेश राय, सूबेदार मेजर आशीष सिंह, सूबेदार मेजर अरविंद कुमार सुविधाओं को बढ़ाने पर लगातार काम कर रहे हैं।
सी सर्टिफिकेट है सबसे बड़ा आकर्षण
लविवि के प्रवक्ता डाॅ. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि एनसीसी का सबसे बड़ा आकर्षण सी सर्टिफिकेट है, जो सरकारी भर्तियों में अतिरिक्त अंक दिलाता है। कई सेवाओं में आरक्षण के समान लाभ भी मिलता है। एसएसबी इंटरव्यू में सी सर्टिफिकेट धारकों को स्क्रीनिंग में छूट मिलती है। केंद्रीय व राज्य पुलिस बलों, होमगार्ड, एनडीआरएफ तथा विभिन्न प्रशासनिक पदों में भी सी प्रमाणपत्र को वरीयता मिलती है।
विस्तार योजना 2030 से बढ़ेगी बेटियों की भागीदारी
एनसीसी को अधिक समावेशी बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय विस्तार योजना 2030 पर काम कर रहा है। इस योजना में एनसीसी कैंपों में महिला कैडेट्स के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक आवासीय सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाती है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण को भी अनिवार्य मॉड्यूल के रूप में शामिल किया गया है।
लविवि में एनसीसी के तीनों विंग में छात्राओं की संख्या
विंग छात्र छात्राएं
63 यूपी एनसीसी 160 55
64 यूपी एनसीसी 98 62
3-नेवल एनसीसी 30 20
5-यूपी एयर सब यूनिट 22 12
लविवि में प्रशिक्षण प्राप्त करते एनसीसी कैडेट्स। - फोटो : अमर उजाला
लविवि में प्रशिक्षण प्राप्त करते एनसीसी कैडेट्स। - फोटो : अमर उजाला