लखनऊ में हसनगंज इलाके से चार महीने पहले अगवा दलित किशोरी शुक्रवार सुबह अपने सोशल मीडिया फ्रेंड के साथ मिली। खुलासा हुआ कि बागपत में मोबाइल शॉप पर नौकरी करने वाला युवक उसे झांसा देकर ले गया था। पत्नी बताकर साथ रखे था। पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाकर आरोपी को गिरफ्तार किया है।
इंस्पेक्टर हरप्रसाद अहिरवार ने बताया कि बागपत के खेखड़ा इलाके के रिंकू यादव को डालीगंज क्षेत्र से गिरफ्तार करके जनवरी में अपहृत दलित किशोरी को अभिरक्षा मेें लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बागपत में मोबाइल की एक दुकान पर नौकरी करने वाले रिंकू की करीब छह महीने पहले हसनगंज इलाके की 15 वर्षीय लड़की से दोस्ती हुई थी।
किशोरी को बरगलाकर वह जनवरी में बागपत से आकर उसे अगवा कर ले गया। परिवारीजनों ने लड़की की तलाश की। कुछ पता न चलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई। आसपास के युवकों के बारे में छानबीन की गई। कोई नतीजा न निकलने पर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से गहन पड़ताल हुई।
किशोरी के सोशल मीडिया फ्रेंड का सुराग लगा। पुलिस ने परिवारीजनों की मदद से रिंकू को पकड़ने का जाल बिछाया। उसे किशोरी को उसके परिवारीजनों से मिलाने के बहाने बुलाकर गिरफ्तार किया गया। किशोरी को डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल भेजा गया। अपहरण के मुकदमे में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई है।