डॉ. एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की छात्रा सुम्बुल की गुरुवार रात करीब सवा बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।
उसकी मौत के बाद परिवार के लोगों ने ट्रॉमा सेंटर में जबरदस्त हंगामा किया। मामला बढ़ता देख ट्रॉमा प्रशासन ने पांच थानों की फोर्स बुला ली।
खबर लिखे जाने तक ट्रॉमा में परिवारीजनों का हंगामा जारी था। परिवार वालों का कहना है कि जब तक कॉलेज प्रशासन और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक पोस्टमार्टम नहीं करने देंगे।
परिवार वालों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत से उसका वेंटीलेटर हटा लिया गया था, जिसके बाद उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। हंगामे के बाद डॉक्टरों ने उसे फिर वेंटीलेटर पर रख दिया।
डॉ. एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की बी-फार्मा की छात्रा सुम्बुल ने दो दिन पहले कॉलेज परिसर में छत से कूदकर खुदकुशी की कोशिश की थी। परिवार वालों का आरोप है कि वह कॉलेज में हो रही रैगिंग से परेशान थी।
उसे गंभीर हाल में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां दो दिन से उसका इलाज चल रहा है। सुम्बुल के रिश्तेदार दानिश, भाई साहिल और बहन फरहीन के मुताबिक बृहस्पतिवार दोपहर डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर वेंटीलेटर पर रखने को कहा था।
शाम को ऑपरेशन के बाद उसे वेंटीलेटर पर रखा गया, लेकिन अचानक वेंटीलेटर हटा दिया गया। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टरों ने छात्रा का इलाज करने तक से इन्कार कर दिया और उसे डिस्चार्ज कराने को कहा।
इस पर हंगामा और भी बढ़ गया। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। रात की शिफ्ट के जनसंपर्क अधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने स्थिति को संभाला। पीआरओ ने बताया कि वेंटीलेटर खाली न होने के कारण कुछ परेशानी हुई थी। बाद में स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया।