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अनन्त में विलीन हुआ 'अप्पा' का आलाप, विख्यात ठुमरी गायिका गिरिजा देवी का निधन

Wed, 25 Oct 2017 01:05 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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गिरिजा देवी - फोटो : self
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हिन्दुस्तानी शास्त्रीय जगत का एक और विख्यात स्वर मंगलवार की रात खामोश हो गया। प्रख्यात शास्त्रीय-उपशास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी का कोलकाता में हृदयाघात से निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं। अपने शिष्य-शिष्याओं में अप्पा जी के नाम से लोकप्रिय गिरिजा देवी हालांकि ख्याल गायन भी खूब करती थीं लेकिन उनकी ख्याति विशेष तौर पर ठुमरी, कजरी, चैती, दादरा जैसे उपशास्त्रीय संगीत के लिए थी। कुछ माह पूर्व किशोरी अमोनकर के निधन के बाद गिरिजा देवी की मृत्यु हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत को बड़ी रिक्तता दे गया है।
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गिरिजा देवी पिछले कई वर्षों से कोलकाता में रह रही थीं। आईटीसी संगीत रिसर्च अकादमी से जुड़ने के कारण उनसे बनारस छूट गया था, हालांकि बनारस से उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ था। बनारस जाना-आना उनका बराबर बना रहा और बातचीत में भी वे बनारस को याद करती रहती थीं। आठ मई 1929 को जन्मीं गिरिजा देवी ने उस दौर में गायन और मंच प्रदर्शन शुरू किया था जब संभ्रात परिवार की महिलाओं के लिए इसे सम्मानजनक नहीं माना जाता था।

परिवारीजनों के अनुसार, मंगलवार को उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। मार्ग में उन्हें हृदयाघात हुआ। अस्पताल में वे वेंटीलेटर पर भी थीं लेकिन रात्रि करीब 9.30 बजे उनका निधन हो गया। संगीत से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा महत्वपूर्ण पुरस्कार हो जिससे उन्हें सम्मानित न किया गया हो।
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पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण के अतिरिक्त संगीत नाटक अकादमी अवार्ड, संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप, यश भारती सहित कई बड़े पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया गया था। वे इस उम्र में भी सक्रिय थीं और संगीत समारोहों में गायन करती थीं।
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