उफ! 550 पदाधिकारी, इनसे तो मिलने में ही दो साल लग जाएंगे जबकि यूपी में चुनाव होने में सिर्फ पांच महीने बचे हैं। प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी गुलाम नबी आजाद शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक में पहुंचे तो उनका ‘रिएक्शन’ कुछ ऐसा ही रहा।
बोले जंबोजेट कार्यकारिणी के बाद भी सूबे में कांग्रेस का बुरा हाल है। इसका जिम्मेदार कौन है? अब भाई-भतीजावाद नहीं चलेगा। जो काम करेगा उसी को तरजीह मिलेगी।
टिकट वितरण में भी जोड़तोड़ के बजाय जमीनी पकड़ आधार होगा। अपने लखनऊ दौरे के दूसरे दिन भी गुलाम नबी प्रदेश कांग्रेस के नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मिलकर सियासी नब्ज टटोलने में जुटे रहे।
पूर्वाह्न वह प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे जहां उन्हें पदाधिकारियों से मिलना था। खचाखच भरे हाल में पहुंचते ही उनके मुंह से अनायास ही निकल पड़ा कि अरे, इतने पदाधिकारी की कांग्रेसियों से मुलाकात
फिर खुद ही बोले, मुझे बताया गया कि साढ़े पांच सौ से ज्यादा पदाधिकारी हैं। इन सभी से मिलने में ही दो वर्ष लग जाएंगे फिर भी सबको पहचान नहीं पाऊंगा जबकि चुनाव में सिर्फ पांच महीने का वक्त ही बचा है।
सरकार बनाना ही होगा लक्ष्य
गुलाम नबी आजाद
- फोटो : amar ujala
आजाद का तेवर देखकर हाल में सन्नाटा छा गया। इसके बाद आजाद ने कांग्रेसियों को आइना दिखाना शुरू किया और कुछ सख्त लहजे में सभी को पूरी ईमानदारी से चुनाव में जुटने की नसीहत दी।
आजाद ने साफ कहा कि जिन्हें चुनाव लड़ना है वे टिकट के लिए लॉबिंग, जोड़-तोड़ या लखनऊ दिल्ली की परिक्रमा करने के बजाय क्षेत्र में समय दें और लोगों से संपर्क में जुट जाएं। आजाद ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं खासकर क्षेत्र में जिनकी स्वीकार्यता हैं उन्हें टिकट दिलाना है।
टिकट वितरण में जातीय आंकड़ों का संतुलन बनाते हुए सभी वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व चुनाव में दिया जाएगा। इशारे-इशारे में उन्होंने पिछले चुनाव में टिकट बंटवारे पर भी सवाल उठाया।
बोले इस बार का उत्तर प्रदेश का चुनाव कांग्रेस के लिए जीवन मरण का सवाल है। हमें प्रदेश में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरना होगा।
आजाद शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड में वेस्ट यूपी के कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात करेंगे। उन्होंने सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़ और मेरठ मंडल के वरिष्ठ कंाग्रेसियों के साथ ही जिला व शहर अध्यक्षों को बातचीत के लिए बुलाया है।