इंदिरानगर निवासी विमला बेटे-बेटी और बहू के साथ
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गाजीपुर पुलिस ने रविवार को सोशल पुलिसिंग के जरिए नजीर पेश की। एक परिवार में तीन साल से चल रहे विवाद को खाने के टेबल पर निपटा दिया। पुलिस ने जिस घर का विवाद चल रहा है। उसी मकान में खाना बनवाया और सभी को एक ही थाली में खिलाया।
फिर गले मिलवाकर एक साथ रहने का प्रस्ताव दिया। जिस पर पूरा परिवार तैयार हो गया। यह कहानी इंदिरानगर केबी ब्लॉक निवासी विमला पंजवानी की है। विमला के पति की मौत काफी दिनों पहले हो गई। परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा दीपक पंजवानी चीन में है।
दूसरा जयकुमार अफ्रीका और तीसरा प्रशांत सिंगापुर में है। एक बेटी रागिनी अमेरिका में हैं। जबकि दूसरी बेटी ख्याति लखनऊ में ही रहती है। परिवार में सभी बेटे और बेटियां विदेश में मां अकेले घर पर रहती है। उसके न तो खाने का कोई ठिकाना और न ही स्वास्थ्य की किसी को चिंता।
इस बीच अक्सर अमेरिका रहने वाली बेटी रागिनी ही विमला से संपर्क में रहती है। इसी कारण विमला ने घर का आधा हिस्सा उसके नाम कर दिया। तीन दिन पहले बेटा जयकुमार अफ्रीका से लौटा। उसने प्रॉपर्टी को लेकर मां से बातचीत की।
कुछ बिन्दुओं पर मां से तकरार हो गई। इसके बाद मां विमला घर छोड़कर चली गई। विमला घर से सीधे गाजीपुर थाने पहुंची। उन्होंने सारी कहानी इंस्पेक्टर दीपक दुबे से बताई। उन्होंने बेटे जयकुमार और उसके परिवार को थाने बुलाया।
काफी देर तक समझौता कराते रहें। लेकिन बात नहीं बनी। इंस्पेक्टर दीपक दूबे ने शनिवार देर रात दोनों पक्षों को अलग-अलग कर बात की। इसके बाद दोनों को एक दूसरे के बारे में संवेदनशील बातें कहीं। बात सुनने के बाद दोनाें समझौते को तैयार हो गए।