मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाई रिस्क ग्रुप का आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाए। इससे कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री बुधवार को अपने सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पूरी सक्रियता के साथ संचालित किए जाएं। डीएम व सीएमओ प्रतिदिन बैठक कर स्थिति की समीक्षा करें और आगे की रणनीति बनाएं। यह बैठक सुबह कोविड अस्पताल में तथा शाम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेन्ंटर में की जाए।
उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे कार्य तेजी से किया जाए। सर्वे के दौरान पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से लोगों के ऑक्सीजन स्तर की जांच की जाए। निर्धारित स्तर से कम ऑक्सीजन वाले लोगों को अस्पताल भेजकर उनकी विस्तृत जांच एवं आवश्यकतानुसार उपचार की व्यवस्था की जाए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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सीएम आरोग्य मेला शुरु करने पर विचार करें
सीएम योगी ने नॉन-कोविड चिकित्सालयों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुरूप ओपीडी संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सावधानियां बरतते हुए सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ओपीडी सुविधा प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला को शुरू करने के संबंध में विचार किया जाए। इससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में वृद्धि भी होगी। उन्होंने कोविड-19 के प्रति जनता को जागरूक करने के अभियान को जारी रखने के निर्देश दिए।
एसओयू की समीक्षा करेंगे सीएम
निवेश प्रस्तावों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निवेशकों तथा उद्यमियों की समस्याओं को समयबद्ध ढंग से दूर किया जाए। विभिन्न नीतियों के तहत अनुमन्य सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए जिला, मंडल व राज्य मुख्यालय स्तर पर निरंतर अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने बताया कि वह यूपी इंवेस्टर्स समिट-2018 के अवसर पर किए गए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा के साथ-साथ संबंधित निवेशकों के साथ बैठक करेंगे।
गो आश्रय स्थलों को आय का स्रोत बनाएं
मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। कहा कि गो-आश्रय स्थल को आय का स्रोत बनाने की कार्य योजना तैयार की जाए। इसके तहत बायो गैस प्लांट की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए। इससे जहां एक ओर ईंधन के लिए गैस मिलेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को अच्छी जैविक खाद भी मिल सकेगी।
बेहतर सर्विलांस से संक्रमण व मृत्यु दर को किया न्यूनतम : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोविड-19 के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी जा रही है। निरंतर सर्विलांस के लिए प्रदेश में70 हजार से अधिक निगरानी टीमों का गठन किया गया। बेहतर सर्विलांस से संक्रमण व मृत्यु दर को न्यूनतम किया गया है। बुधवार को प्रधानमंत्री से संवाद के दौरान योगी ने प्रदेश की स्थिति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा, वर्तमान में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 61,699 है, जबकि अब तक पूर्ण उपचारित मरीजों की संख्या 3,02,689 है। प्रत्येक जिले में इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर केमाध्यम से होम आइसोलेशन तथा कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों से नियमित संवाद किया जाता है। सर्विलांस के जरिये लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी कोविड-19 की जांच की जाती है। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व टेस्टिंग पर विशेष फोकस किया गया है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निजी व सरकारी अस्पतालों तथा कार्यालयों में बनाई गई कोविड हेल्प डेस्क व सर्विलांस टीमों को पल्स ऑक्सीमीटर एवं इन्फ्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश में रोज लगभग डेढ़ लाख टेस्टिंग की जा रही है, जिनमें से 50 हजार टेस्टिंग आरटीपीसीआर से की जा रही है। प्रदेश में सकल पॉजिटिविटी दर 4 प्रतिशत है।
योगी ने कहा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में लाई गई। प्रदेश में एल-1 के 571, एल-2 के 77 एवं एल-3 के 26 डेडिकेटेड कोविड अस्पताल संचालित हैं। इन अस्पतालों में एल-1 के 1,23,460 तथा एल-2 के 15,812 बेड्स उपलब्ध हैं। एल-3 के 12,490 बेड्स पर वेंटिलेटर की सुविधा है। कुल 7,094 बेड पर आईसीयू की सुविधा है। प्रदेश में रिकवरी दर 81.87 प्रतिशत है।
तेजी से बढ़ीं आर्थिक गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ी हैं। अगस्त में राजस्व संग्रह बढ़ा है। कुल 8,18,114 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयों में 51.78 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। आत्मनिर्भर पैकेज के तहत 4.32 लाख इकाइयों को 10,437 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। 3.72 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को 13,383 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। मनरेगा के तहत अब तक 95.87 लाख लोगों को रोजगार देते हुए 23.75 करोड़ मानव दिवस का सृजन करते हुए 4874.67 करोड़ रुपये के मानदेय का भुगतान किया गया। यह देश में सर्वाधिक है।