लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह जिम्मेदार अधिकारियों को नामित करे, जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर नगर निगम की बाहरी सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी ईंट-भट्टों का सर्वेक्षण करें।
सर्वेक्षण और हलफनामा सर्वेक्षण के बाद ईंट-भट्टों की स्थापना की तिथि, अनुमति की स्थिति तथा संबंधित वैधानिक प्राधिकारियों की ओर से दी गई स्वीकृतियों का विवरण हलफनामे पर प्रस्तुत किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर दिया।
अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश ईंट-भट्टा नियमावली, 2012 के अनुसार नगर निगम की बाहरी सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर ईंट-भट्टों की स्थापना प्रतिबंधित है। यह नियम 27 जून 2012 से प्रभावी है। संचालन की अनुमति की अवधि पांच वर्ष होती है। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।