लखनऊ। संतान न होने या बार-बार गर्भपात की वजह जानने के लिए मरीजों को अब महंगी जेनेटिक जांच के लिए दूसरे संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में आधुनिक साइटोजेनेटिक्स प्रयोगशाला शुरू हो गई है। इससे क्रोमोसोम संबंधी गड़बड़ियों की जांच कम खर्च में हो सकेगी।
संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बृहस्पतिवार को अकादमिक ब्लॉक में प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। यहां रक्त और अस्थि मज्जा की कैरियोटाइपिंग जांच 1,980 रुपये में होगी, जबकि निजी केंद्रों पर इसके लिए 4,500 से 5,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
विभागाध्यक्ष एवं डीन डॉ. राजन भटनागर ने बताया कि जांच से बांझपन और बार-बार गर्भपात के आनुवंशिक कारणों की पहचान में मदद मिलेगी। साथ ही जन्मजात विकारों, बच्चों के विकास में देरी और आनुवंशिक बीमारियों का भी पता लगाया जा सकेगा। इस सुविधा से स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग और रिप्रोडक्टिव मेडिसिन विभाग के मरीजों को लाभ मिलेगा।