केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने सैनिकों के खून की दलाली संबंधी राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कहा कि राहुल को जानकारी नहीं है तो उन्हें मुंह बंद रखना चाहिए।
उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल से सवाल किया कि 1971 में क्या इंदिरा गांधी ने भी भारत-पाक युद्ध के वक्त खून की दलाली की थी?
लखनऊ आए जनरल सिंह ने मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब में कहा कि सैनिकों के खून की दलाली की बात वही कह सकता है जिसे जमीनी हालात की जानकारी नहीं है या जिसकी सोच छोटी है।
देश के लिए कोई काम राजनीति से ऊपर उठकर किया जाए तो उसमें मीन-मेख नहीं निकालना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक के सुबूत मांगना हारी मानसिकता का परिचायक है।
उन्होंने कहा, क्या 1971 में हुए युद्ध को लेकर कोई सवाल हुआ था?
उस सफल युद्ध के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को दुर्गा कहा था। अगर ओछी राजनीति होती तो क्या वे ऐसा बयान देते। सेना के ऑपरेशन पर सरकार ने तो कोई बयान नहीं दिया। डीजीएमओ ने जो कुछ कहा, उसके बाद फुल स्टॉप लग जाना चाहिए।
सुबूत मांगने से नीच काम कोई नहीं
VK Singh attacks people those says Burhan Wani a martyr through Facebook
- फोटो : file photo
सेना के काम पर सवाल नहीं किए जाते। उन्होंने कहा कि सुबूत मांगने से नीच काम कोई और नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ परोक्ष युद्ध छेड़ रखा है। इसे देखते हुए हमें भी तैयारी रखनी चाहिए।
विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह का कहना है कि आज आप राष्ट्रवाद की बात करें तो आपको भाजपा से जोड़ दिया जाता है और राष्ट्रद्रोह की बात करें तो आपको सेकुलर माना जाता है।
उन्होंने यह बात ‘राष्ट्रवाद और राष्ट्र’ विषय पर बृहस्पतिवार को राजधानी में आयोजित व्याख्यान के दौरान कही।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स और अन्य संगठनों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनरल सिंह ने कहा कि देश ने कई आक्रमण सहे हैं, लेकिन हार तब हुई है,
जब देश के ही कुछ लोगों ने आक्रमण करने वालों का साथ दिया। जब तक हम जातियों और धर्म के नाम पर बंटे रहेंगे हमारे राष्ट्र पर सवालिया निशान लगा रहेगा।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश पर जब भी संकट आता है नागरिक एक हो जाते हैं, लेकिन जिस तरह से देशवासियों को बांटने की राजनीति की जाती रही है, आने वाला समय मुश्किलों भरा हो सकता सकता है।