लंंबे समय से कई चुनौतियों का सामना कर रही लेदर इंडस्ट्री के लिए शनिवार खुशियां लेकर आया। आम बजट 2025-26 में जहां 6000 करोड़ का पैकेज देने का एलान किया गया। वहीं, वैल्यू एडेड क्रस्ट लेदर और वेट ब्लू लेदर से कस्टम ड्यूटी खत्म करने का एलान भी किया गया। ये फैसले यूपी की लेदर इकाइयों पर लगा प्रदूषण का दाग धोने में मदद करेंगे। इससे प्रदेश में कम से कम दो लेदर पार्क विकसित होंगे। दस नए जिलों में लेदर क्लस्टर विकसित होगा।
अगले पांच साल में यूपी की लेदर इंडस्ट्री 25 लाख नए रोजगार और 20 हजार करोड़ का नया कारोबार खड़ा करेगी। देश में यूपी चर्म उत्पादों का बड़ा गढ़ है। कानपुर, उन्नाव, आगरा और नोएडा इंडस्ट्री के प्रमुख नोड हैं। अभी यूपी से करीब 12 हजार करोड़ का निर्यात और 22 हजार करोड़ रुपये का घरेलू उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2030 तक सालाना 4000 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है।
कस्टम ड्यूटी अप्रत्याशित रूप से शून्य करने की घोषणा से बायोडिग्रेडेबिल चमड़े का आयात तेज होगा। विदेश से माल आने से यहां की टेनरियों में प्रदूषण का लोड घटेगा। टेनरियों के पास बड़ा काम आएगा और दो महीने में 50 फीसदी क्षमता से चलने वाली सारी टेनरियां पूरी क्षमता से चलने लगेंगी। यूपी में आने वाले दो नए लेदर पार्कों में टेनरियां नहीं होंगी, बल्कि विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
इन सब्सिडी से बदलेगी यूपी की लेदर इकाइयों की सूरत
- महिलाओं को प्रशिक्षित करने व सहभागी बनाने पर सब्सिडी
- सस्टेनेबेल सेक्टर पर सब्सिडी
- मार्केटिंग पर सब्सिडी
- मशीनरी व कैपिटल सब्सिडी
- नए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने पर सब्सिडी
- रखरखाव पर होने वाले खर्च पर सब्सिडी
खत्म हुआ लेदर इंडस्ट्री का बुरा समय
प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री ने लेदर इंडस्ट्री की बात सुनी। इसी के साथ इंडस्ट्री में उदासी का माहौल खत्म हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यूपी में नए लेदर पार्क बनेंगे। यूपी में लेदर के नए क्लस्टर विकसित होंगे, जिनसे नए जिलों को लाभ मिलेगा। - आरके जालान, चेयरमैन, चर्म निर्यात परिषद
वेट ब्लू लेदर और क्रस्ट लेदर पर कस्टम ड्यूटी शून्य होने से यूपी की इंडस्ट्री तेजी से पनपेगी। टेनरियों के पास भारी संख्या में काम आएगा। दो महीने में सारी टेनरियां पूरी क्षमता से चलने लगेंगी। ये पैकेज चुनौतियों से जूझ रहे लेदर सेक्टर में जान फूंकेगा। - मुख्तारुल अमीन, पूर्व चेयरमैन, चर्म निर्यात परिषद
क्रस्ट लेदर और वैट ब्लू लेदर में राहत दी गई। घरेलू उत्पादन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। आगरा के फुटवियर उद्योग के लिए अच्छा मौका है। घरेलू बाजार के लिए जीएसटी 5 फीसदी तक कम करना जरूरी था। लेदर और नॉन लेदर को एक श्रेणी में रखने का फैसला अच्छा है। -पूरन डावर, अध्यक्ष, आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर