देर से रिटर्न भरने वाले या संशोधित रिटर्न भरने वाले चार लाख करदाताओं को भी समयसीमा बढ़ाकर सौगात दी गई है। विवाद से विश्वास योजना के जरिये विवादों को खत्म करने की कोशिश की गई है। यूपी सहित अधिकांश राज्यों में विवाद बढ़े हैं। दरअसल बरसों से पेंडिंग योजनाएं नहीं घट रही हैं। छोटी-छोटी अपीलों को कर निर्धारण अधिकारी के पास भेजा जा रहा है, इससे विवाद फिर खड़े हो रहे हैं। अकेले यूपी में ही ऐसे 3500 से ज्यादा मामले हैं। अपडेटेड रिटर्न योजना के तहत 31 दिसंबर के बाद कोई आईटीआर भरना चाहते हैं या छूटी इनकम हो तो भर सकते हैं। पिछले साल 90 लाख लोगों ने अपडेटेड रिटर्न भरे। अगर एक साल पुराना रिटर्न भरते हैं तो 25 फीसदी टैक्स ज्यादा देना पड़ेगा। दो साल पुराना है तो 50 फीसदी ज्यादा देना होगा। इसे बढ़ाकर चार साल कर दिया है लेकिन रेट का खुलासा नहीं किया है। इसका फायदा 4 लाख लोगों को मिलेगा।
पांच साल के अंदर नवीनीकरण कराने वाले ट्रस्ट की अवधि 10 साल कर दी गई है। सभी क्रिप्टो करेंसी पर कैपिटल गेन लगेगा। कैपिटल गेन का 12.5 फीसदी फ्लैट रेट लगेगा। यानी क्रिप्टो को निवेश का साधन मान लिया गया है। पहले इसे बिजनेस इनकम में दिखाया जाता था। ट्रस्ट की बात करें तो यूपी में पंजीकृत 40 हजार संस्थाओं को राहत मिली है।
सरकार ने अच्छी नीयत से मध्यम वर्ग और गरीबों को सौगात दी है। इस लिहाज से बजट अच्छा है लेकिन इंडस्ट्री और कारपोरेट सेक्टर खाली हाथ रह गया। बैंकों द्वारा एमएसएमई सेक्टर को बिना सिक्योरिटी लोन पर ब्याज कम करना होगा, जो अभी 10 से 12 फीसदी तक है। इसे कम किए बगैर नए उद्यमियों की पौध देर से तैयार होगी। -विवेक खन्ना, सदस्य, इंटरनल आडिट व मैनेजमेंट एकाउंटिंग, भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान