लखनऊ में गैंगरेप का केस दर्ज होने के बाद कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि मेरी छवि खराब करने के लिए ये भाजपा की साजिश है। उन्होंने कहा कि जिस महिला ने मेरे ऊपर आरोप लगाया है, मैं उसे नहीं जानता।
शनिवार को गायत्री प्रजापति सहित सात लोगों पर एक महिला के साथ गैंगरेप का केस गौतमपल्ली कोतवाली में दर्ज कर लिया गया। चित्रकूट की एक 35 वर्षीय महिला ने गायत्री पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि गायत्री प्रजापति के राजधानी के गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास पर उसका आना-जाना था।
गायत्री ने अपने साथी अशोक तिवारी के जरिए उसे अपने आवास पर बुलाया और हमीरपुर में बालू के खनन का पट्टा देने की पेशकश की। इस दौरान गायत्री ने चाय मंगाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला था।
चाय पीने के बाद वह बेहोश हो गई जिसके बाद गायत्री और उनके आवास पर मौजूद अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्र पाल, रूपेश और आशीष शुक्ला ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के दौरान इन लोगों ने उसका वीडियो बना लिया जिसे दिखाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। महिला के मुताबिक पार्क रोड स्थित विधायक आवास पर उससे एक महीने तक दुष्कर्म किया जाता रहा।