वाणिज्य कर विभाग में वरिष्ठ सहायकों को वार्षिक प्रविष्टि देने में गड़बड़ी मिली है। जोन स्तर पर तैनात अराजपत्रित श्रेणी के 103 वरिष्ठ सहायकों को वर्ष 2019-20 के लिए दी गई वार्षिक प्रविष्टि वाणिज्यकर मुख्यालय पहुंची तो पाया गया कि उन्हें प्रविष्टि दिए बिना ही काम होने (वर्कडन) का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। ज्वाइंट कमिश्नर (स्थापना अराजपत्रित) पीएन यादव ने जोन स्तर पर तैनात सभी डिप्टी और असिस्टेंट कमिश्नर (प्रशासन) को एक सप्ताह के भीतर सभी 103 वरिष्ठ सहायकों को दी गई वार्षिक प्रविष्टि की मूल प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में विभाग में प्रधान सहायकों के खाली पदों को भरने की कवायद चल रही है। इसके लिए वरिष्ठ सहायकों की वरिष्ठता सूची तैयार होनी है। मार्च-2020 में सभी अराजपत्रित श्रेणी के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया था कि वह सक्षम अधिकारी से वर्ष 2019-20 की वार्षिक प्रविष्टि दर्ज कराते हुए अपनी चरित्र पंजिका मुख्यालय को उपलब्ध करा दें। इसके बावजूद काफी दिनों तक अधिकांश कर्मचारियों ने अपनी प्रविष्टि दर्ज ही नहीं कराई थी।
गौरतलब है कि अराजपत्रित कर्मचारियों की चरित्र पंजिका रखरखाव मुख्यालय स्तर पर होता है। हाल ही इन चरित्र पंजिकाओं का परीक्षण किया गया तो इसमें 103 वरिष्ठ सहायकों की चरित्र पंजिकाओं में गड़बड़ी पाई गई। उनकी चरित्र पंजिका में बिना प्रविष्टि दर्ज कराए ही ‘वर्कडन’ का प्रमाण पत्र दे दिया गया है। जबकि कर्मचारी संघों के साथ हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव ने वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि देने के साथ ही ‘वर्कडन’ का प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। मुख्यालय ने इन वरिष्ठ सहायकों को दी गई अपूर्ण वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों को उनकी सत्यनिष्ठा को संदिग्ध मानते हुए एक सप्ताह के भीतर प्रविष्टि की मूल प्रति मांगी है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि वार्षिक प्रविष्टि की मूल प्रतियां उपलब्ध होने के बाद सभी वरिष्ठ सहायकों को दी गई प्रविष्टियों का परीक्षण कराया जाएगा। वहीं, अपूर्ण प्रविष्टियां जमा करने वाले कार्मिकों को खिलाफ कार्रवाई भी जाएगी।