प्रदेश सरकार ने अपर महाधिवक्ता गौरव भाटिया व रीना सिंह को हटा दिया है। दोनों सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की पैरवी करते थे।
भाटिया का कहना है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और मुख्यमंत्री से कार्यमुक्त करने का आग्रह कर चुके थे।
गौरव भाटिया पिछले चार साल से सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार के मुकदमों की पैरवी कर रहे थे। उन्हें हटाए जाने के संबंध में विशेष सचिव अमरजीत त्रिपाठी ने 22 मार्च को आदेश जारी किया था।
उनके साथ रीना सिंह को भी हटाया गया है। गौरव को हटाए जाने को लेकर कई तरह की अटकलें हैं। कहा जा रहा है कि भाटिया और रीना प्रभावी ढंग से सरकार की पैरवी नहीं कर पा रहे थे।
शीर्ष अदालत में कई मामलों में सरकार को झटका लगा। भाटिया सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव हैं।
बार अध्यक्ष के साथ उनकी तनातनी को भी उन्हें हटाए जाने से जोड़ा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के अफसरों से बेहतर तालमेल न होना भाटिया को हटाए जाने की वजह बना।