लखनऊ। हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली असगर की विलादत पर बुधवार को पुराने इलाके में जश्न का माहौल रहा। यौमे पैदाइश की खुशी में कई जगह महफिलों में नजराना-ए-अकीदत पेश की गई। अकीदतमंदों ने घरों में नज्र दिलाई और एक-दूसरे का मुंह मीठा कर मुबारकबाद दी।
अंजुमन कदीम मासूम-ए-असगर की ओर से काजमैन रोड स्थित कर्बला दियानतुद्दौला बहादर में आयोजित महफिल को मौलाना अब्बास इरशाद ने खिताब किया। शान आब्दी के संचालन में सजी महफिल में शायर जकी भारती, मौलाना दानिश जैदी, मौलाना अस्करी, सरवर दाबीरी, मिर्जा दानिश, फुरकान लखनवी और अली अब्बास ने कलाम से नजराना-ए-अकीदत पेश किया।
महफिल के बाद कर्बला परिसर में हजरत अली असगर के गहवारा (झूला) की जियारत कराई गई। दरगाह हजरत अब्बास में जश्ने शीर खारे कर्बला का आयोजन हुआ। शायर जफर नजफी, मेहंदी महमूदाबादी, जाहिद कानपुरी, हैदर रिजवी, कुमैल अख्तर, आरिफ सुखनवरी में कलाम पेश किए। नौवें इमाम हजरत मोहम्मद तकी की विलादत भी मनाई गई। शिया समुदाय ने घरों, मस्जिदों और कर्बला में नज्र का आयोजन किया।
कर्बला दियानतुद्दौला बहादर में हजरत अली असगर की विलादत पर जश्न मना।
कर्बला दियानतुद्दौला बहादर में हजरत अली असगर की विलादत पर जश्न मना।
कर्बला दियानतुद्दौला बहादर में हजरत अली असगर की विलादत पर जश्न मना।
कर्बला दियानतुद्दौला बहादर में हजरत अली असगर की विलादत पर जश्न मना।
कर्बला दियानतुद्दौला बहादर में हजरत अली असगर की विलादत पर जश्न मना।