लखनऊ। गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता गणपति की पूजा के लिए सुबह 10:48 बजे से दोपहर 1:16 बजे तक का समय सबसे शुभ रहेगा। 14 सितंबर को गणपति की स्थापना के साथ राजधानी में 10 दिवसीय गणेशोत्सव शुरू होगा। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार पर्व 14 सितंबर को ही मनाया जाएगा।
गणेश चतुर्थी पर रवि योग दोपहर 1:55 बजे से 15 सितंबर की सुबह 5:52 बजे तक रहेगा। चित्रा नक्षत्र दोपहर 1:55 बजे तक रहेगा, इसके बाद स्वाति नक्षत्र शुरू होगा। ब्रह्म योग दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा और इसके बाद इंद्र योग प्रारंभ होगा। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्न दूर करने के साथ बुद्धि और समृद्धि प्रदान करते हैं। गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा को सिंदूर अर्पित कर मोदक या लड्डू का भोग लगाने की परंपरा है। श्रद्धालु 10 दिन तक गणपति की पूजा-अर्चना करेंगे।
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल का कहना है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचने की मान्यता है। ऐसा करने पर मिथ्या कलंक लगने की बात कही गई है। भूलवश चंद्र दर्शन हो जाए तो श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध के 56-57वें अध्याय में वर्णित स्यमंतक मणि की कथा का श्रवण लाभकारी माना गया है। (माई सिटी रिपोर्टर)