उत्तर प्रदेश गन्ना सहकारी समिति संघ के सभापति, उपसभापति और प्रतिनिधियों के चुनाव में मंगलवार को यहां दबंगई खुलकर सामने दिखाई पड़ी। पूरी चुनाव प्रक्रिया संघ के मुख्यालय गेट ताला लगाकर निपटाई गई।
सभापति के लिए मुरादाबाद के जयवीर सिंह और उपसभापति के लिए बरेली के अरविंद कुमार और प्रतिनिधियों के पद के लिए इनके समर्थकों के अलावा किसी को नामांकन ही नहीं करने दिया गया। यह सभी लोग सपा समर्थित बताए जाते हैं।
निर्वाचन प्रक्रिया की औपचारिकता पूरी कर इन सबको निर्विरोध घोषित कर दिया गया। जयवीर के विरोध में नामांकन करने आए मेरठ के शशांक चौधरी व उनके समर्थक प्रतिनिधियों को नामांकन करने अंदर ही नहीं जाने दिया गया। शशांक ने खुद को भाजपा समर्थित बताया। इसको लेकर मारपीट भी हो गई जिसमें शशांक के कपड़े फट गए।
मौके पर मौजूद पुलिस और बाद में पहुंचे अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। शशांक और उनके समर्थक गेट पर कुछ देर धरना देने के बाद राजभवन से गुहार लगाने चल गए। बकौल शशांक राज्यपाल ने उन्हें कानून सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस बीच, चुनाव अधिकारी डिप्टी कलेक्टर (राजस्व) सीएल मिश्र ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया।
इस तरह हुआ चुनाव
उम्मीदवारों के समर्थकों में मारपीट हुई
- फोटो : amar ujala
पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव अधिकारी डिप्टी कलेक्टर छोटे लाल मिश्र और प्रेक्षक श्रीकांत गोस्वामी की देखरेख में मंगलवार सुबह 9 बजे सभी निदेशकों की सूची संघ कार्यालय के गेट पर चस्पा की गई जिसमें जयवीर व शशांक समेत कुल 14 लोगों के नाम थे। नामांकन केलिए 11.30 बजे से 12.30 बजे तक समय निर्धारित था।
सपा समर्थित उम्मीदवार जयवीर सिंह यादव व उनके कुछ समर्थक 10.30 बजे के करीब ही गन्ना संघ पहुंच गए थे। चुनाव के दौरान विवाद और बवाल होने की आशंका के बावजूद मौके पर सुरक्षा के नाम पर सात-आठ जवान ही तैनात थे।
नामांकन का समय शुरू होते ही पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए संघ भवन के दोनों गेट बंद करा दिया। मीडिया तक के अंदर जाने पर रोक लग गई। 11.30 बजते ही जयवीर ने नामांकन कर दिया और अपने लाव-लश्कर के साथ गेट केबाहर आकर डट गए।
ठीक 11.30 बजे शशांक चौधरी भी अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचे। जयवीर व उनके समर्थकों ने शशांक को अंदर जाने से रोका। दोनों पक्षों मे मारपीट हुई लेकिन पुलिस पूरी तरह मूक बनी रही। शशांक समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
ये भी निर्वाचित घोषित
हंगामे के कारण गेट बंद कर नामांकन हुआ
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राधेश्याम यादव-इंडियन फार्मरर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लि. नई दिल्ली, मंजू सिंह-कृषक भारती कोऑपरेटिव लि. नई दिल्ली, मुकुलवीर-उप्र सहकारी बैंक लि. लखनऊ, धीरेंद्र प्रताप सिंह-राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली, रविन्द्र-दि सहकारी चीनी मिल्स लि. बागपत, नरेन्द्र सिंह-दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लि. महमूदाबाद सीतापुर, विनय कुमार-दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लि. बिलासपुर, रामपुर। यह सभी जयवीर के समर्थक हैं।
कोई गड़बड़ी नहीं हुई
इस पर चुनाव अधिकारी व डिप्टी कलक्टर राजस्व सीएल मिश्र का कहना है कि गन्ना संघ के चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। जिन्होंने शुल्क राशि जमा की और समय पर नामांकन करने पहुंचे, उनका नामांकन कराया गया।
कुछ लोग नामांकन अवधि बीत जाने के बाद आए थे और उनका शुल्क भी जमा नहीं था। ऐसे ही लोग ही गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। यह उचित नहीं है। चुनाव पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से कराया गया है।