अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 9, गैंगस्टर एक्ट अनुराग कुरील ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक सीतापुर को तत्काल एक पत्र जारी किया है। इसमें लिखा है कि मुजीब अहमद का वाद विचारण के स्तर पर लंबित है। 5 सितंबर को पत्रावली आरोप हेतु नियत थी। अधिवक्ता गण के कार्य से विरत रहने के कारण पत्रावली प्रस्तुति की तिथि 16 सितंबर को नियत की गई किंतु किसी ने 6 सितंबर को ही तलबी आदेश पर मुजीब का नाम लाल कलम से लिखकर बढ़ा दिया। जबकि आज उसका केस विचारण के लिए नहीं लगा था।
उन्होंने एसपी को लिखा है कि यह प्रकरण अति गंभीर है। इस संबंध में तत्काल कार्रवाई कर 16 सितंबर को पत्रावली कोर्ट में प्रस्तुत करें। पूर्व में मुजीब अहमद ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर किया था। उस समय भी सीतापुर पुलिस को सरेंडर की भनक तक नहीं लगी थी।