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23 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के बेटे पर गैंगस्टर

Wed, 27 Feb 2019 11:59 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अमित कंछल - फोटो : amar ujala
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23 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पूर्व सांसद व व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के बेटे अमित कंछल व उसके साथी प्रदीप अग्रवाल पर गैंगेस्टर लगाया गया है। लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने यह कार्रवाई तब की जब पीड़ित शिक्षिका ने डीजीपी व एसएसपी से जनसूचना के तहत बनवारीलाल कंछल व उनके बेटों के खिलाफ दर्ज जालसाजी के मुकदमों, धोखाधड़ी से अर्जित धन और कार्रवाई का ब्योरा मांगा।

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वह दो साल से थाने के चक्कर लगा रही थी, पर व्यापारी नेता के बेटे के रसूख के आगे पुलिस ने बगैर गिरफ्तारी के आरोपपत्र दाखिल कर दिया। हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक, बाजारखाला थाने के शास्त्रीनगर निवासी बनवारी लाल कंछल के बेटे अमित और नाका के राजेंद्रनगर निवासी प्रदीप पर गिरोह बंद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इन्होंने रायबरेली के ऊंचाहार थाने के मुरारमऊल निवासी संजीव तिवारी और वजीरगंज के सैयद हसन आबिद रिजवी से कंछल ग्रुप ऑफ कंपनीज के नाम प्लॉट देने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। संजीव व आबिद ने वर्ष 2017-18 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। आरोपी गिरोह बनाकर समाज विरोधी क्रियाकलाप में लिप्त होने से गिरोहबंद अधिनियम में निरुद्ध किए गए हैं। 
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रकम लौटाने में की टालमटोल

कंछल के रसूख के चलते थानों में दर्ज मुकदमों पर पुलिस के प्रभावी कार्रवाई न करने से धोखाधड़ी के शिकार थाने व कचहरी के चक्कर काट रहे थे। इनमें गोमतीनगर के विराटखंड निवासी शिक्षिका आराधना तिवारी भी हैं।

उन्होंने बनवारी लाल कंछल और उनके बेटे अमित पर 23 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एक फरवरी 17 को गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें कंछल ग्रुप की मारवाह इंफ्रा वेंचर्स लिमिटेड की डेढ़ साल में रकम दोगुनी करने की योजना के बहाने उनसे निवेश कराया गया और रकम लौटाने में टालमटोल की। चक्कर काटने पर फर्जी चेक थमाया।

तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी से गुहार पर प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन धाराओं में खेल करने के साथ पुलिस ने बगैर गिरफ्तारी के आरोपपत्र दाखिल कर दिया। बेटी की शादी के लिए जोड़ी रकम डूबने से परेशान आराधना ने दो साल तक पुलिस अफसरों के चक्कर काटने के बाद जनसूचना अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पुलिस महानिदेशक और एसएसपी को पत्र लिखा था। 

सवालों से मचा हड़कंप

आराधना ने अर्जी में बनवारी लाल कंछल, उनके बेटे अमित, सचिन और अतिन के खिलाफ दर्ज केसों का ब्योरा मांगा। सवाल किया कि दर्ज आपराधिक मामलों में कितने मुकदमे जालसाजी, धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के हैं और कितना धन हड़पने का आरोप है।

संगठित गिरोह की तर्ज पर फर्मों में निवेश कराकर धन अर्जित करने वालों पर गैंगेस्टर एक्ट या अन्य निरोधात्मक कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी। 

ठगी का भी केस

व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के बेटों अमित कंछल, अतिन कंछल और सचिन कंछल समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्लॉट के नाम पर रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए हजरतगंज कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया है।

प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह ने बताया कि अमित और उसके भाई जॉपलिंग रोड पर सूरजदीप कॉम्प्लेक्स में मेसर्स शिवांश इन्फ्रा एस्टेट के नाम से रीयल एस्टेट कंपनी चलाते हैं। उन पर नोएडा निवासी व गेल इंडिया लिमिटेड कंपनी के अधिकारी कृष्ण कुमार अवस्थी से प्लॉट के नाम पर 3,63,000 रुपये ठगने की प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मेसर्स शिवांश इन्फ्रा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड बनवारी लाल कंछल की कंछल ग्रुप ऑफ कंपनीज का ही हिस्सा है। कृष्ण कुमार का कहना है कि वह सेवानिवृत्त होने के बाद बच्चों के साथ लखनऊ में रहना चाहते थे। ऐसे में घर बनाने को जमीन तलाश रहे थे।

मेसर्स शिवांश इन्फ्रा कंपनी के कर्मचारी बृजेश कुमार मौर्या ने उन्हें न्यू गोमतीनगर स्थित आर्चिड रेजीडेंसी प्रोजेक्ट में प्लॉट देखने को कहा। कृष्ण कुमार अवस्थी अपने साथी भूपनाथ शुक्ला के साथ साइट पर पहुंचे और एक प्लॉट पसंद किया।
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सुबूत मिलने पर होगी आगे की कार्रवाई

इसके बाद उन्होंने कंपनी के ऑफिस जाकर निदेशक अमित, अतिन और सचिन से मुलाकात कर प्लॉट बुक कराया। उन्होंने कंछल बंधुओं को एक लाख रुपये नकद दिए और दो मार्च 2015 को आरटीजीएस से 2,63,000 रुपये उनके बैंक खाते में जमा कराए।

रुपया देने के बाद उन्होंने कंछल बंधुओं से रजिस्ट्री कराने की बात की तो वे बहाने बनाकर टाल देते। कई बार संपर्क करने और ऑफिस के चक्कर काटने पर भी रजिस्ट्री नहीं की गई। इस बीच पता चला कि ठगों ने अमेठी के सलोन निवासी समित कुमार रस्तोगी से भी उसी प्लॉट के बदले छह लाख रुपये ले रखे हैं।

ठगों ने 16 अगस्त 2016 को समित के नाम से प्लॉट की रजिस्ट्री भी करा दी। कृष्ण कुमार अवस्थी के साथ प्लॉट देखने गए भूपनाथ शुक्ला व एक अन्य व्यक्ति हरीश यादव को भी कंछल बंधुओं ने चूना लगाया। भूपनाथ ने पांच लाख रुपये में अपने व पत्नी कामिनी शुक्ला के नाम से दो भूखंड बुक कराए थे, जबकि हरीश ने एक प्लॉट बुक कराया था।

तीनों से प्लॉट की रकम वसूलने के बाद कंछल बंधुओं ने उक्त प्लॉट चंद्रशेखर पांडेय नाम के व्यक्ति को बेच दिए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सभी पीड़ितों से रुपये के लेन-देन संबंधी साक्ष्य मांगे गए हैं। सुबूत मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
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