गोमतीनगर में ऑफिस खोलकर ईएमआई पर प्लॉट का झांसा देने वाली रीयल एस्टेट कंपनी आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक आशीष श्रीवास्तव समेत पांच लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। गोमतीनगर की एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी में 20 से ज्यादा लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर हैं लेकिन गैंगस्टर में संचालकों को ही शामिल किया गया है।
एसीपी ने बताया कि गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का रास्ता आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आर संस कंपनी बाराबंकी के आशीष कुमार श्रीवास्तव की है। उसने देवा रोड और गोसाईंगंज में जीवनदीप व प्रखर सिटी नाम की योजनाओं में ईएमआई पर प्लाट बेचने की स्कीम शुरू करके न सिर्फ लखनऊ बल्कि आसपास के जनपदों और पूर्वांचल के कई जिलों में लोगों से 500 करोड़ रुपये से अधिक रकम की ठगी की। गोरखपुर, अयोध्या, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और गाजीपुर में भी उसके ऑफिस थे। शातिर ने कंपनी में अपने रिश्तेदारों और परिचितों को ही महत्वपूर्ण पदों पर रखा था। पुलिस ने आशीष के अलावा अंकुर श्रीवास्तव, तरुण सिन्हा समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस आशीष समेत 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
ठगी कर दुबई भागे शातिरों को वापस लाने के लिए मंत्रालय भेजा पत्र
रीयल एस्टेट अथवा निवेश कंपनी खोलकर सैकड़ों करोड़ रुपये ठग कर दुबई भागे जालसाजों को वापस लाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार ने बताया कि शाइन सिटी कंपनी के फरार मालिक राशिद नसीम और हेलो राइड कंपनी का जीएम अभय कुशवाहा के देश छोड़कर दुबई जाने की सूचना मिली है। दोनों को वापस लाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल राशिद नसीम को देश वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क किया गया है।