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मोदी आगमन से पहले काशी को बड़ी सौगात!

Thu, 06 Nov 2014 12:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की मुखिया साध्वी उमा भारती ने काशी में जल शोधन संरक्षण केंद्र खोलने की घोषणा की। कहा कि इस केंद्र में गंगा और उसमें मिलने वाले नदी-नालों पर शोध होगा। इसे गंगा विश्वविद्यालय का नाम दिया जाएगा।
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बुधवार की शाम सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कालेज के मैदान पर अविरल गंगा समझौता शताब्दी समारोह ‘गंगा महासभा’ में उमा भारती ने कहा कि जियोलॉजिकल इन्फार्मेशन सिस्टम की मदद से गंगा और यमुना के भू-भाग का पता लगाने के साथ ही गंगा में मिलने वाले नदी-नालों की पड़ताल की जाएगी। यह काम तीन साल में पूरा होगा। इस पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

उमा भारती ने कहा कि अस्सी से वरुणा के बीच गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए साबरमती रिवर फ्रंट का फार्मूला अपनाया जाएगा। साथ ही गंगोत्री से गंगा सागर के बीच गंगा किनारे बसे शहरों के नगर आयुक्तों के साथ भी मंत्रालय बैठक कर अपनी कार्ययोजना तैयार करेगा।
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कहा कि गंगा की अविरलता के लिए गाद हटाना जरूरी है। इसके लिए वैज्ञानिक विधि से रिवर फ्रेंडली योजना तैयार की जा रही है।

45 दिन में होगा फैसलों का क्रियान्वयन

इस काम के लिए गंगा रिवर बेसिन अथॉरिटी का गठन कर दिया गया है। 45 दिन के अंदर अथॉरिटी द्वारा लिए गए फैसलों का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा। मगर गंगा सफाई का असर तीन साल बाद ही दिखेगा। गंगा की निर्मलता के लिए दुनिया की सबसे हाईटेक तकनीक अपनाई जाएगी।

गंगा में अस्थि विसर्जन पर फैसला संत समाज करेगा
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा तट पर अंतिम संस्कार हो या गंगा में अस्थियों का विसर्जन, यह फैसला संत समाज ही करेगा। इसके बारे में किसी दूसरे को फैसला लेने का अधिकार नहीं है। कहा कि मैं खुद सभी शंकराचार्यों और अखाड़ों के प्रमुख संतों को पत्र लिखकर इस मामले में मार्ग निर्देशन की मांग करूंगी।

छह विभूतियों को ‘गंगा रत्न’ सम्मान
गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए राष्ट्रीय पैमाने पर चलाए जा रहे अभियान में उत्कृष्ट अंशदान करने वाली अलग-अलग क्षेत्रों की छह विभूतियों को गंगा महासभा की ओर से गंगा रत्न सम्मान प्रदान किया गया। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने संयुक्त रूप से संजय गुप्ता, दिलीप तिवारी, प्रो. राणा पीवी सिंह, राकेश शुक्ला, पंडित रविशंकर द्विवेदी और प्रतीक त्रिवेदी को गंगा रत्न से नवाजा।
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रहा दिग्गजों का जमावड़ा

गंगा महासभा के कार्यक्रम में काशी सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, न्यायमूति गिरधर मालवीय, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष परितोष त्यागी, विनोद तारे, आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, अश्वनी चौबे, गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री दंडी स्वामी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती मौजूद रहे।
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