गंगा एक्सप्रेसवे पर 132 केवी की ट्रांसमिशन लाइन और कानपुर एनएच को क्रॉस करने के लिए बनाए गए रैंप में तकनीकी खामी सामने आई है। एचटी लाइन की निर्धारित ऊंचाई बनाए रखने के लिए उसे ऊपर उठाने के बजाय रैंप का लेवल करीब तीन मीटर नीचे कर दिया गया। इससे रैंप में ही जलभराव हो गया। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह के निरीक्षण में खामी सामने आने पर उन्होंने स्वतंत्र इंजीनियरिंग कंपनी पर पेनाल्टी और ठेकेदार को चेतावनी देने के निर्देश दिए हैं।
मनोज सिंह ने बताया कि नियमों के अनुसार तकनीकी समाधान के तौर पर 132 केवी लाइन को करीब तीन मीटर ऊपर उठाने की जरूरत थी। इसके बजाय रैंप का लेवल ही नीचे कर दिया गया। बताया गया कि रैंप का लेवल सी लेवल के हिसाब से करीब 127 मीटर होना चाहिए था, लेकिन इसे करीब 124 मीटर पर बना दिया गया। इससे लाइन और सड़क के बीच जरूरी गैप तो बनाए रखने की कोशिश हुई, लेकिन सड़क की डिजाइन और जल निकासी प्रभावित हो गई।