लखनऊ। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर वर्ष गंगा दशहरा मनाया जाता है। इसे गंगा अवतरण भी कहते हैं। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन राजा भगीरथ के प्रयास से हस्त नक्षत्र में मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर आई थीं। इस वर्ष गंगा दशहरा पांच जून को मनाया जाएगा। इस बार शुभ योग बन रहा है, जिसमें पूजन लाभकारी माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दशमी तिथि चार जून को रात 11:54 बजे से प्रारंभ होगी और समापन 6 जून की भोर से पहले 2:15 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, गंगा दशहरा पांच जून को मनाया जाएगा। इस साल हस्त नक्षत्र पांच 5 जून को सुबह 3:35 बजे से लेकर छह जून को प्रातः 6:34 बजे तक रहेगा। हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग, रवि योग, चंद्रमा कन्या राशि में सूर्य वृषभ राशि में होगा। इस शुभ योग में पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस पर्व पर श्रद्धालु पवित्र स्नान करने के लिए प्रयागराज, हरिद्वार, ऋषिकेश और वाराणसी जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, अगर गंगा में स्नान न कर सकें तो घर में नहाने के पानी में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इस दिन 10 अंक का विशेष महत्व है। पूजा करते समय सभी सामग्री को 10 की मात्रा में चढ़ाएं। जैसे 10 फूल, 10 दीपक, 10 फल आदि। यह दिन मुंडन, व्यापार शुरू करने, गृह प्रवेश, वाहन क्रय, कीमती सामान खरीदने आदि के लिए भी शुभ मुहूर्त है।
वृक्ष भंडारा और गोमती पूजन का होगा आयोजन
गंगा दशहरा और विश्व पर्यावरण दिवस पर रोटी कपड़ा फाउंडेशन बृहस्पतिवार को लेटे हुए हनुमान मंदिर में वृक्ष भंडारे का आयोजन करेगा। फाउंडेशन के रिद्धि किशोर गौड़ ने बताया कि मंदिर में शाम पांच बजे से पौधों का वितरण किया जाएगा। साथ ही सभी को पौधे लगाने, पर्यावरण संरक्षण और सफाई के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरी ने बताया कि गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में शाम छह बजे गोमती पूजन के साथ ही दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।