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बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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मड़ियांव पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार को बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के चार सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 31 फर्जी नियुक्ति पत्र, कई बेरोजगारों के दस्तावेज, बैंक की मुहरें व कई कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं।
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एडीसीपी उत्तरी राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक ,नीरज नाम के युवक ने मड़ियांव थाने में पांच नवंबर को मुकदमा दर्ज कराया था। मड़ियांव पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया। पड़ताल में जियामऊ निवासी राजकुमार यादव, राजेश प्रसाद, मोहनलालगंज के चंदन कुमार और आजमगढ़ का गुलाब चंद्र के बारे में सुराग लगा। पुलिस ने इन चारों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
आठवीं फेल दिला रहा था लोगों को बैंक में नौकरी
एडीसीपी राजेश कुमार के मुताबिक, जालसाज गिरोह का सरगना व मास्टर माइंड देवरिया के भाटपार रानी का रहने वाला राजकुमार यादव है। वह जियामऊ में अपने साथी राजेश प्रसाद के साथ रहता है। राजकुमार आठवीं फेल है। लेकिन शातिर इतना है कि वह बेरोजगारों को झांसे में लेकर बैंक की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर चुका है। इस गिरोह के सभी सदस्य 8वीं से दसवीं तक ही पढ़े हैं। बेरोजगारों सेे 5 से 8 लाख रुपये तक की वसूली करते हैं। जालसाजों ने इसके लिए अपना कार्यालय हजरतगंज के एक मकान में खोल रखा है। यहां पर प्लेसमेंट एजेंसी चलाते हैँ।
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पकड़ाया था पीएनबी का फर्जी नियुक्ति पत्र
प्रभारी निरीक्षक मड़ियांव विपिन कुमार सिंह केमुताबिक राज कुमार व उसकेसाथियों ने बैंक में भर्ती कराने का दावा किया। इसके बाद बेरोजगार नीरज को पीएनबी बैंक में नियुक्ति कराने की बात कही। रुपये ऐंठने केबाद उसे फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा दिया। नियुक्ति पत्र लेकर नीरज बैंक कार्यालय गया। वहां नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया गया। तब नीरज को जालसाजी का पता चला। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक बैंक में क्लर्क के पद पर नियुक्ति के लिए जालसाज 4 से 5 लाख रुपये वसूलते थे। वहीं पीओ के पद पर भी नियुक्ति कराने का दावा कर बेरोजगारों से 10 लाख रुपये तक की वसूली करते हैं।
चार साल से चला रहे थे गिरोह
पुलिस की पूछताछ में राजकुमार ने बताया कि वह चार साल से इस ठगी के धंधे में सक्रिय है। 50 से अधिक बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक आरोपियों के चार बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली है। जिसमें 34 लाख रुपये जमा मिले हैं। इसके अलावा अन्य खातों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने दो से तीन करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। अन्य बैंक खातों की डिटेल मिलने पर रकम और भी बढ़ सकती है।
तैयार करते थे बैंक के कूटरचित दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक जालसाज काफी शातिर है। वह बेरोजगारों को भरोसे में लेने के लिए बैंक के लेटर हेड से मिलते-जुलते पत्र तैयार करते थे। नकल भी ऐसी करते थे कि वह असली ही लगे। आसानी से कोई असली व नकली का फर्क न पकड़ सके। उस पर बैंक की असली जैसी मुहर भी लगाते थे। जिसकी स्याही भी बैंक की तरह होती थी। ऐसे 31 नियुक्ति पत्र व 26 आर्डर लेटर के अलावा कई दस्तावेज, डायरी व अन्य प्रपत्र पुलिस ने जालसाजों के पास से बरामद किया है। जिसकी जांच फोरेंसिक लैब से कराने केलिए भेजा जा रहा है।
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