लखनऊ। प्रदेश में सरकारी नौकरी की आस छोड़ चुके युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार नहीं मिल पा रहा है। मिशन रोजगार के तहत सरकार और कौशल विकास विभाग की ओर से लगाए जा रहे रोजगार मेलों में कंपनियां सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी कर रही हैं। युवाओं से पंजीकरण और दस्तावेज लेकर उन्हें जॉब ऑफर देने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन न कंपनियों की ओर से कोई कॉल आ रहा है, न ही वास्तविक नौकरी।
विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर प्रदेश के 75 जिलों में विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया गया। कौशल विकास विभाग का दावा है कि 100 से अधिक निजी कंपनियों ने मिलकर 20,999 युवाओं को जॉब ऑफर लेटर दिए। लेकिन धरातल की सच्चाई इससे अलग है—ज्यादातर युवाओं को कंपनियों की ओर से अब तक न कोई फोन आया, न कोई नियुक्ति पत्र। (संवाद)
युवाओं के अनुभव: जमीनी हकीकत
केस-1: दस बार मेलों में गए, नौकरी नहीं मिली
बाराबंकी निवासी राहुल वर्मा ने बताया कि उन्होंने आईटीआई और स्नातक की डिग्री के बाद 14 जुलाई को आयोजित रोजगार मेले में हिस्सा लिया। उन्होंने टाटा, सुजलान जैसी कंपनियों में दस्तावेज जमा किए। गुजरात में 18,000 रुपये वेतन वाली नौकरी का जिक्र तो हुआ, लेकिन काम की प्रकृति नहीं बताई गई। वह अब तक 10 से ज्यादा रोजगार मेलों में जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं मिला।
केस-2: कंपनियां पंजीकरण कराकर भूल गईं
लखनऊ के ऐशबाग निवासी अरविंद कुमार ने बीटेक किया है। उन्होंने भी रोजगार मेले में दस्तावेज दिए, एक कंपनी ने राजस्थान में 20,000 रुपये की नौकरी का प्रस्ताव रखा और एक हफ्ते में कॉल आने की बात कही—लेकिन कॉल अब तक नहीं आया।
केस-3:
साक्षात्कार हुआ, जानकारी ली गई लेकिन नौकरी नहीं मिली
अयोध्या निवासी संतोष कुमार को एक निजी बैंक की ओर से फील्ड वर्क की नौकरी का प्रस्ताव मिला। साक्षात्कार के दौरान योग्यता और काम के बारे में पूछताछ हुई, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ।
आंकड़े तो हैं, लेकिन नौकरी कहां है?
विभाग ने दावा किया कि कौशांबी में सबसे अधिक 2001 युवाओं को जॉब ऑफर दिया गया। लखनऊ में 1240, जालौन में 732, फर्रुखाबाद में 644 और झांसी में 611 युवाओं को ऑफर लेटर दिए गए। हालांकि, इनमें से कितने युवाओं ने वास्तव में काम शुरू किया? इसका कोई डाटा विभाग के पास नहीं है।
ऑफर लेटर पाने वाले युवाओं से किया जाएगा संपर्क
गमिशन निदेशक, कौशल विकास मिशन, यूपी, पुलकित खरे ने बताया कि मिशन रोजगार के तहत जिन युवाओं को ऑफर लेटर मिला है उनसे संपर्क किया जाएगा। इसके लिए जिले में संबंधित अधिकारियों को आदेशित किया जाएगा। ऑफर लेटर पाने वाले युवाओं को संबंधित कंपनी में रोजगार जरूर मिलेगा।