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यूपी के 18 जिलों में सब्जी के साथ चल रहा 'खेल', खा रहे लोग और हो रहे किडनी-लीवर फेल

Fri, 13 Sep 2019 04:36 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सब्जी
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हरी सब्जियों को सावधानी पूर्वक खरीदना ही बेहतर है। बाजार में कई दुकानदार मटर, परवल, करेला, टिंडा, मेथी, पालक, तोरई, अदरक और बैंगन को ताजा दिखाने के लिए हानिकारक रंग चढ़ा रहे हैं। यह रंग मनुष्य की आंत, किडनी और लीवर के लिए बहुत घातक है। 

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इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की ओर से 18 जिलों में चलाए गए अभियान के दौरान हुआ है। जांच में 32 नमूने असुरक्षित, चार मिथ्याछाप और एक अस्वीकृत पाया गया है।

अपर मुख्य सचिव अनीता भटनागर जैन के निर्देश पर अगस्त में सब्जियों की जांच के लिए इटावा, संभल, मुरादाबाद, आगरा, कानपुर देहात, जालौन, हाथरस, हरदोई, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, औरैया, रामपुर, झांसी, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, सिद्धार्थ नगर और गाजियाबाद में सब्जियों के 600 नमूने लिए गए थे। 

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इनमें हरी मटर, परवल और अदरख के नमूने असुरक्षित पाए गए। प्रयोगशालाओं में हुई जांच में 32 नमूने असुरक्षित मिले, चार मिथ्याछाप और एक अस्वीकृत पाया गया। 564 नमूने मानक के अनुरूप पाए गए। अब इन जिलों में दोबारा अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बारिश में सब्जियों में अत्यधिक कीटनाशक, खनिज तेलों के प्रयोग से उन्हें चमकाने, कृत्रिम रूप से रंगने की आशंका बढ़ जाती है। उनमें कुछ प्रकरणों में हैवी मैटल, कीटनाशक होने की आशंका होती है। सब्जियों को रंगने में इस्तेमाल होने वाला मेलाकाइट ग्रीन केमिकल लीवर, किडनी और आंत पर असर डालता है। 
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