इनमें हरी मटर, परवल और अदरख के नमूने असुरक्षित पाए गए। प्रयोगशालाओं में हुई जांच में 32 नमूने असुरक्षित मिले, चार मिथ्याछाप और एक अस्वीकृत पाया गया। 564 नमूने मानक के अनुरूप पाए गए। अब इन जिलों में दोबारा अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बारिश में सब्जियों में अत्यधिक कीटनाशक, खनिज तेलों के प्रयोग से उन्हें चमकाने, कृत्रिम रूप से रंगने की आशंका बढ़ जाती है। उनमें कुछ प्रकरणों में हैवी मैटल, कीटनाशक होने की आशंका होती है। सब्जियों को रंगने में इस्तेमाल होने वाला मेलाकाइट ग्रीन केमिकल लीवर, किडनी और आंत पर असर डालता है।