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सेक्सोलॉजिस्ट की दवा में स्टरॉयड की पुष्टि, एफएसडीए ने मांगा जवाब

Fri, 01 Jun 2018 03:26 PM IST
न्यूज डेस्क/अमरउजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेंमो
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बासमंडी चौराहे के पास स्थित सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. जैन की क्लीनिक से लिए गए दवा के नमूनों में स्टरॉयड था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है।
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क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एफएसडीए ने बीते 13 मार्च को क्लीनिक में छापा मारा था।

इसमें गोली, कैप्सूल शामिल हैं। लाल-पीली गोली और कैप्सूल में न तो दवा निर्माण की तारीख दर्ज थी न ही एक्सपायरी। कहां दवा का निर्माण हुआ, उसमें क्या रसायन और जड़ी बूटी मिलाई गई है, इसका भी पता नहीं चला।

ड्रग इंस्पेक्टर माधुरी सिंह के मुताबिक, कई नमूनों में स्ट्ररॉइड और एल्कोलाइड्स की पुष्टि हुई है। नोटिस जारी कर15 दिन के भीतर क्लीनिक संचालक को अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। दोष साबित होने पर नियमानुसार क्लीनिक पर कार्रवाई होगी।
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मांसपेशियों व हड्डियों को मजबूत बनाता है स्टरॉयड

- फोटो : डेमो
डॉक्टरों का कहना है कि स्टरॉयड का ज्यादा सेवन  सेहत के लिए नुकसानदेह है। लगतार इसके सेवन से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। दिल का दौरा भी पड़ सकता है और बीपी की समस्या या फिर नजर कमजोर होने जैसी दिक्कत पैदा हो जाती है।

मांसपेशियों व हड्डियों को मजबूत बनाता है स्टरॉयड
आयुर्वेद की औषधियों में चंद्रप्रभा वटी, शिलाजीत, लहसुन, अश्वगंधा, किवाच आदि और गंधक, पारद की कज्जली से  बनने वाले रस, भस्म आदि में प्राकृतिक तौर पर एलकेलाइड या स्टरॉयड पाए जाते हैं। इनका प्रयोग नुकसानदायक नहीं होता है। इससे मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं। साथ ही बल, वीर्य और शारीरिक क्षमता में भी वृद्धि होती है। - डॉ. पीयूष जैन
 
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