बाजार में खतरनाक रसायन (बटर येलो) मिला तेल मिल धड़ल्ले से बिक रहा है। लखनऊ मेें मोहान रोड स्थित दुकान से लिए गए सरसों तेल के नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद इसका खुलासा हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, बेचे जा रहे सरसों तेल में सेहत के लिए जानलेवा स्तर तक खतरनाक रंग बटर येलो की मिलावट की गई थी। सच सामने आने के 48 घंटे बाद भी एफएसडीए निर्माता कंपनी का पता लगाने में नाकाम है और कार्रवाई के नाम पर सप्लायर के यहां से 48 टिन सरसों का तेल सीज कर रस्म अदायगी कर चुप बैठ गई है।
एफएसडीए अफसरों का कहना है कि पूछताछ में दुकानदार ने बताया कि तेल की सप्लाई एवरेडी चौराहा स्थित लवकुश ट्रेडर्स के यहां से होती है। शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को अभिहीत अधिकारी टीआर रावत की अगुवाई में टीम सप्लायर के यहां पहुंची थी। दावा है कि सरसों तेल की बाजार में बिक्री रोकने के लिए ही 48 टन तेल सीज कर दिया गया।
सरसों तेल की नमूना रिपोर्ट लीक हो जाने के बाद अब एफएसडीए के जिम्मेदार अनसेफ फेल नमूने से जुड़े ब्रांड के सरसों तेल का स्टॉक सीज करने की बात कह रहे हैं। इस बीच धंधेबाजों को बचने का पूरा मौका मिल जाएगा।
ऐसे तो बच निकलेंगे धंधेबाज
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा का कहना है कि सरसों तेल के अनसेफ नमूना रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद बाजारों में बिक रहे अन्य सरसों तेल, रिफाइंड, सोयाबीन व पॉम ऑयल के नमूनों की लैब सैंपलिंग की कार्रवाई अभियान चला कर की जा रही है।
मिलावटी खाद्य तेल के इस खेल में धंधेबाज ब्रांडेड उत्पाद से मिलते-जुलते नाम के रैपर तैयार कर असली की आड़ में नकली व मिलावटी रिफाइंड व सरसों तेल खपा कर आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
मात्र 50 पैसे के खर्च पर चल रहे इस धंधे ब्लेंडेड इडिबिल वेजीटेबल ऑयल को मस्टर्ड व रिफाइंड बता कर बाजार में खपाया जा रहा है। इसके लिए टिन पर ब्रांडेड सप्लायर के नाम से मिलते-जुलते नाम वाले स्टिकर चस्पा पर फुटकर दुकानदारों से लेकर आम उपभोक्ता को धोखा दिया जाता है।
कानूनी दांव पेच से बचने को इन स्टिकर पर काफी छोटे व जल्दी पढ़ने में न आने वाले अक्षरों में ब्लेंडेड ऑयल को स्टाइलिश लैटर में दर्ज कराया जाता है ताकि पकड़ होने पर बचा जा सके।
कैसी-कैसी मिलावट
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डालीगंज, त्रिवेनी नगर, मडियांव, ऐशबाग राम नगर, भरतपुरी सहित करीब एक दर्जन स्थानों से मिलावटी ब्रांडेड खाद्य तेल के टिन तैयार होते हैं। सरसों तेल व रिफाइंड में पुराने खाली टिनों में कलर मिसिंग, सेंट व विदेशी पॉम आयल की मिलावट कर सस्ती लागत से तैयार तेल को ब्लेंडेड इडिबिल वेजीटेबल ऑयल के नाम पर पैक कर बेच रहे हैं।
टिन पर चस्पा किए जाने वाले स्टिकर पर मात्र 25 से 50 पैसे खर्च आता है।15 किलो के एक तेल टिन पर तीन से चौर से रुपये का सीधा फायदा होता है। खाद्य तेल में मिलाई जाने वाले अपमिश्रित सामग्री से केमिकल रिएक्शन का खतरा पैदा हो जाता है।
अधिक मुनाफा कमाने के लिए खाद्य तेल में मिलाए जाने वाले घुलनशील रंग वाले बटर आयल, हाइड्रोसायनिक अम्ल, सेंट व विदेशी पॉम आयल के शरीर में जाने से इसके धमनियों में जमने का अंदेशा रहता है।
इससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ही इस तरह के मिलावटी खाद्य तेल के सेवन से पेट संबंधी बीमारियों के साथ ही त्वचा रोग व लीवर खराब होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।