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ऑयल फैक्टरी में 12 ब्रांडों के नाम से पैक किया जा रहा था एक्सपायर्ड तेल, जड़ा ताला

Wed, 04 Mar 2020 04:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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ऑयल फैक्ट्री में मिला घटिया तेल का स्टॉक - फोटो : अमर उजाला
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ब्रांडेड कंपनियों का एक्सपायर्ड तेल नए रैपर में अलग-अलग ब्रांड के नाम से पैक कर बाजार में खपाने में लगी रानीखेड़ा की यशोधरा ऑयल फैक्टरी में एफएसडीए टीम को जांच के दूसरे दिन मंगलवार को बड़े पैमाने पर घटिया तेल का स्टाॅक मिला। टीम ने सरसों तेल, रिफाइंड सोयाबीन व पॉमोलीन ऑयल का 41.49 लाख रुपये का स्टाॅक सील किया।

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फैक्टरी में मिले अलग-अलग ब्रांड के तेल व रिफाइंड के 22 नमूने लैब जांच को भेजते हुए फैक्टरी को ताला लगा दिया। अभिहित अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि ऑयल फैक्टरी में 28281 लीटर सरसों तेल, 1905 लीटर पामोलीन और 600 लीटर रिफाइंड सोयाबीन का स्टाॅक लैब जांच रिपोर्ट आने तक सील किया गया है।  

एफएसडीए की टीम ने मोहनलालगंज के रानीखेड़ा स्थित यशोधरा आयल के नाम से चल रही तेल फैक्टरी में सोमवार शाम से जांच शुरू की थी। फैक्टरी में बड़ी संख्या में ब्रांडेड कंपनियों के एक्सपायर हो चुके रिफाइंड व सरसों तेल के भरे व खाली कंटेनर मिले।
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जांच में सामने आया कि इसी एक्सपायर्ड तेल व रिफाइंड को अलग-अलग ब्रांड में रीपैक कर बाजार में खपाने का खेल चल रहा था। कार्रवाई सोमवार रात 12 बजे तक भी पूरी नहीं हो पाई। इस दौरान तक फैक्टरी में सप्लाई को तैयार सिर्फ 10 हजार लीटर स्टाॅक सील कर 11 नमूने लैब जांच को भेजे जा सके।

 

बड़ी संख्या में मिले कंपनियों के रैपर

फैक्टरी में ताला लगाती टीम - फोटो : अमर उजाला
अभिहित अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि कार्रवाई को जारी रखने के लिए रात में फैक्टरी में पुलिस के साथ दो एफएसओ की टीम तैनात कर दी गई। मंगलवार सुबह दोबारा जांच शुरू हुई तो फैक्टरी में सप्लाई के लिए बड़ी बड़ी टंकियों में भरा सरसों तेल व पामोलीन आयन का जखीरा मिला।

सीएफएसओ सुरेश मिश्रा की मौजूदगी में टीम ने सरसों तेल, रिफाइंड सोयाबीन व पामोलीन के 11 और नमूने भरकर लैब जांच के लिए भेजा। इसके साथ ही फैक्टरी में मिले रिफाइंड, सरसों तेल व पामोलीन का स्टाॅक ड्रम व टिन में भरकर एक कमरे में सील कर दिया गया। सील स्टाॅक की कीमत 41.49 लाख रुपये आंकी गई है।

फास्ट ट्रैक लैब से होगी नमूनों की जांच
फैक्टरी से बड़ी मात्रा में लिए गए नमनों की जांच फास्ट ट्रैक लैब से कराई जाएगी, ताकि रिपोर्ट जल्दी मिल सके। नमूनों में गड़बड़ी मिलने पर फैक्टरी संचालक खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि फैक्टरी परिसर के एक कमरे में ही अलग-अलग ब्रांड के छपे रैपर बड़ी संख्या में मिले। घटिया तेल करने के बाद इसे टिन में भरकर साइकिल ब्रांड, रिफाइंड पामोलिन, कृषक कोल्हू, रोजाना ब्रांड सहित 12 अन्य ब्रांड के रैपर इनमें चिपका कर तेल बाजार में सप्लाई किया जाता था।
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पैकिंग व ट्रेडिंग लाइसेंस की आड़ में खेल

मिला घटिया तेल का स्टॉक - फोटो : अमर उजाला
घटिया तेल की सप्लाई का पूरा खेल पैकिंग व ट्रेडिंग लाइसेंस की आड़ में फलता फूलता है। पामोलीन में राइस ब्रान से एडिबल आयल तैयार कर उसमें कलर व केमिकल की मिलावट के बाद सरसों तेल अथवा रिफाइंड जैसा बना कर अलग-अलग ब्रांड के रैपर के सहारे पैक कर बाजारों में खपाया जाता है।

साबुन व मोमबत्ती की फैक्टरियां खरीदती हैं एक्सपायर्ड तेल
एफएसडीए के डीओ एसपी सिंह ने बताया कि ब्रांडेड कंपनियों के एक्सपायर्ड रिफाइंड व सरसों तेल का स्टाक साबुन व मोमबत्ती बनाने वाली फैक्टरियां सस्ती दर पर खरीदती हैं। इन्हीं फैक्ट्रियों से जोड-तोड़ कर धंधेबाज एक्सपायर्ड रिफाइंड व तेल खरीद लेते हैं और इसे रीपैक कर बेचते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे एक्सपायर्ड तेल का इस्तेमाल कैंसर तक का कारण बन जाता है।

 
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