लखनऊ। राजधानी में मरीजों की सेहत और खून की शुद्धता के साथ हो रहे बड़े खिलवाड़ का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने सोमवार को जिले के 25 ब्लड बैंकों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान मानक ताक पर रखकर संचालित हो रहे 7 निजी व चैरिटेबल ब्लड बैंकों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उनके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
सहायक मंडल आयुक्त ब्रजेश यादव के निर्देश पर हुई इस जांच में पता चला कि कई ब्लड बैंकों में संक्रमण की पहचान के लिए अनिवार्य एलाइजा टेस्ट तक नहीं किया जा रहा था। मरीजों को केवल रैपिड टेस्ट के भरोसे खून दिया जा रहा था, जो बेहद जोखिम भरा है। इसके अलावा, खाली ब्लड बैग्स की गुणवत्ता की कोई जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी।
यही नहीं, सात ब्लड बैंकों में कोई योग्य डॉक्टर या टेक्निकल स्टाफ मौजूद नहीं था। सबसे गंभीर बात यह रही कि खून किसे जारी किया गया और किससे लिया गया, इसका कोई भी पारदर्शी रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। मानकों की इस अनदेखी को देखते हुए विभाग ने इनका संचालन बंद करा दिया है।
इन 7 ब्लड बैंकों के संचालन पर लगी रोक
नोबेल चैरिटेबल ब्लड सेंटर
श्री साईं ब्लड बैंक एंड कॉम्पोनेंट सेंटर
अवध चैरिटेबल ब्लड बैंक
लिटिल स्टार चैरिटेबल ब्लड सेंटर
केएचएस चैरिटेबल ब्लड
बॉम्बे चैरिटेबल ब्लड सेंटर
लखनऊ चैरिटेबल ब्लड सेंटर
Iनिजी और चैरिटेबल ब्लड बैंकों में मिली खामियां मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा थीं। इन सात केंद्रों को अब पूरी तरह सुधारात्मक कार्रवाई और दोबारा मानक पूर्ण करने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। बाकी ब्लड बैंकों की भी सघन जांच जारी रहेगी।I
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- ब्रजेश यादव, सहायक मंडल आयुक्त, एफएसडीएI