गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में बुधवार से पांच दिवसीय रंगमंच और कला का उत्सव रंग-ए-आवारगी
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में बुधवार से पांच दिवसीय रंगमंच और कला का उत्सव रंग-ए-आवारगी का आयोजन शुरू हो रहा है। यह आयोजन सात सितंबर तक चलेगा।
गोरखपुर के लोकप्रिय रूपांतर नाट्य मंच की ओर से कराए जा रहे इस उत्सव की शुरुआत बुधवार को भिखारी ठाकुर पर केंद्रित नाटक कहत भिखारी से होगी। आयोजक अपर्णेश मिश्रा ने बताया कि 4 सितंबर को लखनऊ की संस्था द मॉकिंग बर्ड्स की ओर से नाटक कैंप का मंचन और नाट्य शास्त्र पर संगोष्ठी होगी। संगोष्ठी में डॉ. राधावल्लभ त्रिपाठी, भारत रत्न भार्गव, डॉ. राजेन्द्र उपाध्याय और डॉ. महेश चंपकलाल जैसे प्रतिष्ठित विद्वान वक्ता के रूप में उपस्थित होंगे। पांच को हिमांशु बाजपेई की दास्तानगोई और पटना के राग रेपेटरी की ओर से आधी रोटी पूरा चांद नाटक का मंचन होगा।
छह को मुशायरे का आयोजन होगा। इसी दिन कोलकाता की नाट्य संस्था पदातिक व रिख की ओर से नाटक हो सकता है दो आदमी दो कुर्सियां का मंचन भी होगा। अंतिम दिन सात सितंबर को बैंड की संगीतमयी प्रस्तुति के साथ ही मुम्बई की संस्था ऐसे एनसेबल द्वारा सलीम आरिफ निर्देशित नाटक रीडेनलपमेंट का मंचन किया जाएगा।रूपांतरण नाट्य मंच की स्थापना गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की प्रोफेसर गिरीश रस्तोगी ने 1968 में की थी। अब तक यह संस्था 100 से अधिक नाटक की प्रस्तुतियां कर चुकी है।