लखनऊ- लखीमपुर खीरी रोड
दूरी - करीब 127 किलोमीटर
लखीमपुर- सीतापुर मार्ग पर लखीमपुर से करीब 11 किलोमीटर दूर ओल नाम के कस्बे में एक अनोखा मंदिर है। इसे मंडूक मंदिर के नाम से जाना जाता है।
देश में यह अकेला ऐसा मंदिर है, जिसका निर्माण मंडूक तंत्र के आधार पर किया गया था। 1860 से 1870 के बीच इसका निर्माण ओल राज्य के तत्कालीन शासक ने करवाया था।
आपको यह जानकर शायद हैरानी हो कि यह मंडूक मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। शिल्प के नजरिए से भी यह मंदिर अनोखा है। दिलचस्प बात यह है कि मंदिर का पूरा आर्कीटेक्चर तंत्र विद्या पर ही आधारित है।
सबसे नीचे ईंट गारे से बड़ा सा मेढ़क बना है, उसके ऊपर है आठ भुजाओं वाला कमल। और, इस फूल के बीचों-बीच है मंदिर। मंदिर में स्थापित किया गया शिवलिंग बाणासुर प्रति नर्मदेश्वर नर्मदा कुंड से लाया गया था। मंदिर का मुख्य द्वार पूर्व में खुलता है और दूसरा द्वार दक्षिण में।
कैसे पहुंचे- लखनऊ से सीतापुर होते हुए लखीमपुर पहुंचने से पहले ही ओल कस्बा पड़ता है। वहां किसी भी राहगीर से पूछकर आप इस रोमांचक सफर को ब्रेक लगा सकते हैं।
कहां ठहरें- यहां रात बिताना अच्छा आइडिया नहीं कहा जा सकता, लेकिन रुकने के लिए आप वापस ओल कस्बे या लखीमपुर का रुख कर सकते हैं। दोनों ही जगह आपको लॉज या होटल आसानी से मिल जाएंगे।
खानपान- आसपास खाने-पीने का भी पूरा इंतजाम है। अगर आप यहां जाना चाहते हैं तो इस मैप से हेल्प ले सकते हैं।