लखनऊ। फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट इंदिरानगर सेक्टर-8 निवासी शशि प्रकाश उपाध्याय की हत्या उनके तीन दोस्तों ने महज 100 रुपये के विवाद चलते की थी। पुलिस ने रविवार को हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों गोंडा जिले के खोड़ारे के साहू का बंगला गांव निवासी अखिलेश कुमार और आजमगढ़ के कंधरापुर भैसौड़ा गांव निवासी प्रिंस को गिरफ्तार किया है। वारदात में शामिल मुख्य आरोपी अंगद की तलाश में पुलिस में लगी है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक घटनास्थल से मिले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों को कमता चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है। दोनों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक, दो मोबाइल फोन और 750 रुपये बरामद किए गए हैं। आरोपी अंगद अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर मार्केट का रहने वाला है। वह शशि प्रकाश उपाध्याय का पड़ोसी है। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे लोग शशि प्रकाश के अंडर में ही विष्णु फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। कुछ दिन पहले अंगद ने शशि प्रकाश से 800 रुपये जूते खरीदने के लिए उधार लिए थे। उसने 700 रुपये के जूते खरीदे थे। 100 रुपये उसने वापस नहीं किए थे। शशि प्रकाश अंगद से 100 रुपये वापस मांग रहे थे। इसके अलावा आरोपियों का शशि प्रकाश से वेतन को लेकर भी कुछ विवाद चल रहा था।
सिर पर कांच मारकर किया था मरणासन्न
19 नवंबर की रात अंगद ने करीब 10 बजे शशि प्रकाश को फोन कर सेक्टर-8 चौराहे पर मिलने के लिए बुलाया। शशि प्रकाश जब वहां पहुंचे तो आरोपी अखिलेश, प्रिंस व अंगद पहले से मौजूद थे। रुपये के लिए उन लोगों का शशि प्रकाश से विवाद हुआ और गाली-गलौज होने लगी। आरोपियों ने मिलकर शशि प्रकाश के साथ मारपीट की और अंगद ने पास में पड़े कांच के टुकड़े से उनके सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। हमले में वह खून से लथपथ होकर गिर पड़े और तीनों आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने शशि प्रकाश को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई थी। उनके पिता अंबेडकरनगर के आलापुर राजेसुल्तानपुर के असदपुर गांव निवासी चंद्रभूषण उपाध्याय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ गाजीपुर थाने में बेटे की हत्या का केस दर्ज कराया था। पकड़े गए दोनों आरोपी अखिलेश, प्रिंस और भागा हुआ अंगद मौजूदा समय में इंदिरानगर के सेक्टर-8 इलाके में किराये के कमरे में रहते थे।