आमतौर पर शाम के वक्त शांत रहने वाले लखनऊ यूनिवर्सिटी के कैलाश गर्ल्स हॉस्टल का नजारा सोमवार को बिल्कुल बदला हुआ था।
‘फैशन का है ये जलवा.’ जैसे गीतों पर कभी रैम्प पर कैटवॉक करती जूनियर्स तो कभी डांस और सिंगिंग के परफॉर्मेन्स पर सभी को झूमने पर मजबूर करती सीनियर्स।
मौका था हॉस्टर्ल्स स्टूडेंट्स की फ्रेशर्स पार्टी का, जिसमें मिस फ्रेशर के ताज पर कब्जा करने के लिए किसी स्टूडेंट ने वेस्टर्न ड्रेस में कैटवॉक की तो कोई ट्रेडिशनल इंडियन सूट और साड़ी में नजर आई।
कांटे की टक्कर के बाद अपनी ब्यूटी और माइंड की बदौलत यूजी लेवल पर इस साल की मिस फ्रेशर का ताज बीए की स्टूडेंट स्मिता वर्मा के सिर सजा। पीजी लेवल पर एमए की स्मृति सिंह मिस फ्रेशर चुनी गई।
इनके अलावा इस साल की मिस रेविशिंग का खिताब एमए सोश्योलॉजी की पूर्निमा सिंह को दिया गया। इन सभी को हॉस्टल की प्रोवोस्ट प्रो. शीला मिश्रा, चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आरके सिंह, डीएसडब्लू प्रो. अनिल शुक्ला, सीएसए डॉ. मनुका खन्ना, जीएम एनआरएचएम प्रो. एके मिश्रा, डॉ. मीना पांडेय ने सम्मानित किया।
खूब बजी सीटियां...
स्टूडेंट्स कैलाश खेर के गीत ‘सैय्यां.’ पर जैसे ही पूर्वा ने अपना डांस परफॉर्मेन्स दिया तो लड़कियां भी सीटी बजाकर उनका उत्साह बढ़ाने में पीछे नहीं रहीं। इसके बाद पीजी की स्टूडेंट स्वाति यादव ने ‘इक परदेसी मेरा दिल ले गया.’ और ‘परदेसिया ये सच है पिया.’ गीत पर अपने धमाकेदार डांस परफॉर्मेन्स से इस शाम को और रंगीन बनाया।
इस अवसर पर स्वाति त्रिपाठी ने लड़कियों पर आधारित ‘इक सांवली सी लड़की...’ कविता सुनाकर अपनी मधुर आवाज का जादू चलाया।
सीनियर्स में अजीता, शालिनी और गीतांजलि के ग्रुप ने ‘बहारा, बहारा हुआ दिल पहली बार रे.’ गीत पर अपना ग्रुप परफॉर्मेन्स शुरू किया तो लॉन में बैठी बाकी स्टूडेंट्स भी अपनी जगह पर झूमने लगीं।
साथ ही पार्टी के दौरान कुछ फनी गेम्स का भी आयोजन हुआ। पार्टी का संचालन हॉस्टल की वाइस प्रेसिडेंट स्वप्निल मौर्या ने किया। इस मौके पर हॉस्टल की प्रेसिडेंट अंजलि रॉय भी उपस्थित रहीं।