लखनऊ। आरएसएस के प्रचारक इंद्रेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि हमें आजादी मुफ्त में नहीं मिली है। देश को आजाद कराने के लिए लाखों क्रांतिकारियों ने जान की कुर्बानी दी है। ऐसे में आजादी को बचाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। वह काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वक्फ संशोधन कानून के फायदे भी बताए।
मसूदिया गरीब नवाज सोसाइटी एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सूफीशाह मलंग प्रकोष्ठ की ओर से उर्दू अकादमी के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में इंद्रेश कुमार ने कहा, 1857 में रानी लक्ष्मीबाई ने नारा दिया था कि मैं झांसी नहीं दूंगी। देश को आजाद कराने में 3.17 लाख हिंदुस्तानियों ने बलिदान दिया और लाखों ने यातनाएं झेली थीं। काकोरी ट्रेन एक्शन में सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, गाने वाले नौजवान आगे बढ़े।
ये कोई लूट नहीं थी, बल्कि आजादी की तरंग थी। उन्होंने कहा कि अशफाक उल्ला खान, गौस खान सहित तमाम मुसलमानों ने जान की परवाह नहीं की और अंग्रेजों से लोहा लिया। हमारी पहचान वतन से है न कि धर्म और जाति से।
वक्फ संशोधन कानून पर बात करते हुए कहा कि इस कानून से वक्फ बोर्ड माफियामुक्त होगा। वक्फ संपत्तियों का लाभ समाज के हर वर्ग को मिलेगा। कानून में महिलाओं को हिस्सेदारी का प्रावधान रखा गया है। वक्फ कानून का उद्देश्य व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने काकोरी ट्रेन एक्शन को ऐतिहासिक घटना बताया। उन्होंने कहा कि अजादी हमें बड़े त्याग और बलिदान से मिली है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली, बाबा मलंग आदि ने भी विचार रखे। मौके पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के क्षेत्रीय संयोजक नईम, सोसाइटी के अध्यक्ष असरार अहमद, ताहिर शाह, भाजपा सिख प्रकोष्ठ से डा. जग्गी आदि मौजूद रहीं।