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Lucknow News: ट्रॉमा में मिलने लगी शुरुआती 24 घंटे मुफ्त इलाज की सुविधा

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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में शुरुआती 24 घंटे निशुल्क इलाज की व्यवस्था शुरू हो गई है। यहां भर्ती होने वाले मरीजों और घायलों का परचा बनते ही उनके खाते में 11 हजार रुपये डाले जा रहे हैं। इस रकम से पहले 24 घंटे तक जांच और दवाओं का खर्च निकाला जाएगा। रकम कम पड़ने पर खाते में दोबारा रुपये डालने की व्यवस्था भी है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज ने बताया कि शुरुआती 24 घंटे निशुल्क इलाज की सुविधा के लिए स्टाफ को प्रशिक्षित कर दिया गया है। अब मरीजों की जांच या दवाओं के लिए फीस की रसीद काटी जाती है। तीमारदार रसीद कटवाते हैं, लेकिन नकद भुगतान के बजाय मरीज क्रमांक के आधार पर खोले गए वर्चुअल खाते से रकम कटती है। इस तरह से खर्च का हिसाब रखा जाता है और तीमारदार को पैसे भी नहीं देने पड़ते हैं। ट्रॉमा में रोजाना करीब 400 घायल और मरीज आते हैं। इनमें से करीब 250 को प्राथमिक उपचार देकर या अन्य अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। रोजाना करीब 150 की भर्ती होती है।



अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा

राजधानी के दो चिकित्सा संस्थानों डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी और संजय गांधी पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में शुरुआती 24 घंटे निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। केजीएमयू ने इसके लिए प्रदेश सरकार से बजट मांगा था। सरकार की ओर से 25 करोड़ रुपये आवंटित हुए, लेकिन दो वर्ष तक केजीएमयू ने व्यवस्था शुरू नहीं की। अमर उजाला ने 26 अगस्त, 2025 के अंक में मामला उठाया। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने संज्ञान लेकर समिति बनाई। कमेटी ने निशुल्क इलाज पर आने वाले खर्च का आकलन करने के साथ इसका पूरा खाका तैयार किया।
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निशुल्क इलाज शुरू होने पर जताई खुशी

गोंडा निवासी राम नरेश ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल भाई को लेकर ट्रॉमा सेंटर आए थे। उस वक्त ज्यादा रुपये नहीं थे। ऐसे में पहले 24 घंटे निशुल्क इलाज की व्यवस्था से राहत मिली। शुरुआती इलाज के बाद रिश्तेदार पैसे लेकर आ गए। सीतापुर के अमरनाथ ने बताया कि हादसे के बाद उनके बेटे को लोगों ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया था। जब तक वे पहुंचे, इलाज शुरू हो चुका था। पैसे के अभाव में उपचार नहीं रुका। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में शुरुआती 24 घंटे निशुल्क इलाज से लोगों को काफी राहत होगी। यहां सफलतापूर्वक संचालन के बाद योजना का विस्तार लारी कार्डियोलॉजी में किया जाएगा।
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