प्रदेश में स्कूली शिक्षा ग्रहण करने वाली गरीब छात्राओं को रहने और खाने की मुफ्त सुविधा मुहैया कराने के लिए हॉस्टल खोले जाएंगे।
पहले चरण में प्रदेश के 42 जिलों में 141 गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्रत्येक हॉस्टल में 100 छात्राएं रह सकेंगी।
एक हॉस्टल पर 1.32 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इनका निर्माण जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। इसमें अगले सत्र 2015-16 से दाखिला दिलाए जाने की योजना है।
केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत इंटर तक की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र देता है और राज्य सरकार को 10 फीसदी खर्च करना होता है।
पढ़ाई न छूटे इसलिए दी जाएगी हॉस्टल की सुविधा
प्रदेश में लाखों की संख्या में ऐसी छात्राएं हैं जो अभावों के कारण स्कूल शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सूबे में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोले गए हैं। इनमें गरीब छात्राओं को कक्षा 6 से 8 तक मुफ्त शिक्षा देने के साथ रहने की भी व्यवस्था की गई है।
यह योजना सफल है, लेकिन इसके बाद की कक्षाओं में छात्राओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था न होने से गरीब छात्राओं की पढ़ाई छूट रही है।
इसे देखते हुए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत गरीब छात्राओं के लिए मुफ्त हॉस्टल की सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
इन जिलों में बनेंगे हॉस्टल
आगरा, अलीगढ़, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बागपत, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बिजनौर, बुलंदशहर, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फीरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, झांसी, अमरोहा, कासगंज, कौशांबी, लखीमपुर, ललितपुर, हाथरस, महोबा, मैनपुरी, मऊ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, संभल, मुजफ्फरनगर, शामली, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती, उन्नाव व वाराणसी।
इनका होगा चयन
इन छात्रावासों में गरीब और आरक्षित वर्ग की छात्राओं को रहने की सुविधा मिलेगी। छात्रावास से नजदीक राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज में दाखिला पाने वाली छात्राएं ही इसके लिए पात्र होंगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से पास होकर निकलने वाली छात्राओं को पहली प्राथमिकता दी जाएगी।