गर्भवती महिला और नवजात के बाद अब राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में अब पांच साल तक के बच्चों को मुफ्त एंबुलेंस सेवा दिए जाने की तैयारी हो चुकी है।
यूपी एनआरएचएम इसके लिए यूनीसेफ की मदद से एक प्रस्ताव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजेगा।
केंद्र से सहमति मिलने के बाद मौजूदा एंबुलेंस की सेवा में इसे भी जोड़ दिया जाएगा।
बुधवार को होटल ताज विवांता में यूनीसेफ के एक कार्यक्रम में यूपी एनआरएचएम के मिशन निदेशक अमित घोष ने इसकी जानकारी दी।
उनका कहना था कि अस्पताल में जच्चा-बच्चा को बेहतर सुविधा देना या उनकी केयर करना काफी नहीं है।
हमें देखना होगा कि क्या वह बच्चा घर पर जाकर भी ठीक है या नहीं। अगर पांच साल तक के बच्चों की मौत के आंकड़े देखें तो एक खराब स्थिति हमारे सामने आती है।
इसके लिए जरूरी है कि पांच साल तक के बच्चों को इलाज की विशेष सुविधा दिए जाने के साथ मुफ्त एंबुलेंस की सुविधा भी मुहैया कराई जाए।
इसके लिए यूनीसेफ के अधिकारियों ने केंद्र सरकार के सामने इस मसौदा को रखे जाने में अपनी सहमति भी जताई।
मिशन निदेशक का कहना था कि इसकी जरूरत पूरे यूपी में है। हमारे पास 102, 108 और दूसरी एंबुलेंस काफी संख्या में मौजूद हैं।
करीब 2000 नई एंबुलेंस की खरीद अभी की जानी है। इससे इस योजना को पूरा किया जा सकता है।
यूनीसेफ की अधिकारी नीलोफर ने कहा कि इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार से अनुमति के लिए आगामी बैठक में शामिल कर लिया जाएगा।