राजधानी लखनऊ में इंदिरा नगर के वैभव एन्क्लेव निवासी किरन अग्रवाल के खाते से जालसाजों ने 22 अगस्त से एक सितंबर के बीच सात लाख रुपये निकाल लिए। किरन के पति मनोज अग्रवाल का आरोप है कि पत्नी का मोबाइल फोन हैक कर ठगी की गई है। उन्होंने मंगलवार को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
मनोज के मुताबिक, पत्नी का बचत खाता गोमती नगर स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में है। 22 अगस्त को पत्नी के मोबाइल फोन में नेटवर्क की दिक्कत आई। इस पर उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया। 29 अगस्त को मनोज ने किरन का सिमकार्ड नए मोबाइल फोन में जैसे ही लगाया, वैसे ही बैंक से रुपये कटने का मैसेज आने शुरू हो गए।
इस पर वे बैंक पहुंचे पर अवकाश के चलते बैंक बंद था। एक सितंबर को बैंक खुला तो मनोज ने पत्नी की पासबुक अपडेट कराई। इस पर पता चला कि 22 अगस्त से एक सितंबर के बीच जालसाजों ने उनकी पत्नी के खाते से कई बार में सात लाख रुपये अलग-अलग यूपीआई खाते में ट्रांसफर किए थे।
इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश यादव का कहना है कि धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जिन-जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए थे, उनके बारे में बैंक से जानकारी मांगी गई है।
मनोज अग्रवाल का कहना है कि ठगी पत्नी किरन का मोबाइल फोन हैक कर की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पत्नी के पास न तो इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा है और न ही कोई यूपीआई आईडी। उनके पास न ही किसी का फोन आया और न ही उन्होंने खाते की कोई गोपनीय जानकारी किसी को साझा की। जालसाजों ने किरन का मोबाइल कैसे हैक कर लिया, इसका उन्हें अंदाजा ही नहीं है।