लखनऊ। साइबर जालसाजों ने हेड कांस्टेबल समेत छह लोगों को झांसा देकर इनके खातों से 10.11 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ितों ने गोमतीनगर विस्तार, आलमबाग, महानगर, गाजीपुर, सैरपुर व पीजीआई थाने मेंं आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है।
गोमतीनगर विस्तार के शालीमार वन वर्ल्ड निवासी जय विलास दुबे के मुताबिक बेटी शांभवी के पास गत 6 जून को टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का मेसेज आया। शुरुआत में काम कराकर रुपये दिए। उसके बाद टास्क के बदले 12 बार में 4,54,693 रुपये जमा करा लिए। वहीं, आलमबाग के बड़ा बरहा निवासी अपूर्वा पाल ने गत 6 जून को एक वेबसाइट पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। उन्हें एक अनजान नंबर कॉल आई। फोनकर्ता ने ऑनलाइन टाइपिंग जॉब बताई। दो सौ रुपये फीस जमा कराकर काम शुरू कराया। 10 जून को उन्हें काफी टाइपिंग मिस्टेक बताकर कई बार में 45,744 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
इसके अलावा महानगर फील्ड यूनिट में तैनात हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव के अनुसार साइबर जालसाज ने उनके एक्सिस बैंक खाते से 18,141 रुपये पार कर दिए। वहीं, गाजीपुर स्थित शक्तिनगर निवासी शशि शेखर यादव के यस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड से जालसाजों ने 1,56,487 रुपये की खरीदारी कर ली। इसके अलावा कुशीनगर निवासी श्वेता गुप्ता सैरपुर स्थित कृष्ण विहार कॉलोनी में रहती हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले टेलीग्राम पर वर्क फ्रॉम होम का मेसेज देखा। संपर्क करने पर जालसाज ने बातों में फंसाकर कई बार में 1.41 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने सैरपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पीजीआई स्थित उतरठिया निवासी यामिनी त्रिपाठी और उनकी दोनों बेटी के खाते एचडीएफसी बैंक में है। जालसाज ने बैंक मैनेजर बनकर इन्हें फोन किया और बातों में फंसाकर तीनों के खातों से 1,94,500 रुपये निकल गए।